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जासं, इलिया(चंदौली) : आजादी के सात दशक बाद भी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रोडवेज बस की सुविधा मयस्सर नहीं है। अधिकारी यहां के बा¨शदों को लाभांवित करने में रुचि नहीं दिखा रहे। यह बातें प्रबुद्धजनों की बैठक में वक्ताओं ने कही। आरोप लगाया कि 21वीं सदी भी में इलाके में विकास का पहिया रफ्तार से दौड़ नहीं पा रहा है।

कहा कि ब्लाक की बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार इलिया गांव में बिजली व पानी की समस्या आज भी बनी है। रोडवेज बस नहीं चलने से लोग निजी वाहनों से सफर को विवश हैं। ब्लाक, तहसील और जिला मुख्यालय पहुंचने में कठिनाइयां होती हैं। डेढ़ साल पूर्व चकिया तहसील मुख्यालय से इलिया के लिए रोडवेज बस चली थी। कुछ दिनों बाद ही यह सेवा ठप कर दी गई। रोडवेज बसें चलाने को कई बार जिला प्रशासन से गुहार लगाई गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। लेवा-इलिया, बेन-धरौली, चकिया- इलिया मार्ग पर चलने वाले निजी वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं। शाम ढलने के साथ इन मार्गों पर यात्री वाहनों का टोटा हो जाता है। चेताया कि रोडवेज बस शीघ्र नहीं चली तो आंदोलन किया जाएगा। अशोक ¨सह, रणजीत जायसवाल, विनोद ¨सह, सुबास, चंद्रशेखर, सुशील पांडेय, ओमप्रकाश मौर्य, राधेश्याम दुबे समेत कई संभ्रांत नागरिक उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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