Tailbone Pain: हिप्स के नीचे वाली हड्डी में लगातार रहता है दर्द तो लापरवाही न करें, चिकित्सक की लें सलाह
पुच्छास्थि (टेलबोन) का दर्द दैनिक दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है, जो गिरने, चोट या लंबे समय तक बैठने से होता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
गिरने, चोट या लंबे समय तक बैठने से होता है टेलबोन दर्द।
विशेष गद्दी का उपयोग करें और लगातार बैठने से बचें।
सूजन या कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
जागरण संवाददाता, चंदौली। रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में होने वाला दर्द, जिसे पुच्छास्थि (टेलबोन) दर्द कहा जाता है, दैनिक दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है।
बैठने, बैठने के बाद खड़े होने, आगे झुकने और लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने पर दर्द बढ़ता है। कई बार मल त्याग के दौरान भी परेशानी होती है। लगातार दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
मेडिकल कालेज के अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि गिरने, चोट लगने, कठोर सतह पर लंबे समय तक बैठने या पुच्छास्थि पर लगातार दबाव पड़ने से यह समस्या हो सकती है। इससे कुर्सी पर बैठने, वाहन चलाने और बैठने के बाद उठने में कठिनाई होती है।
राहत के लिए पुच्छास्थि पर दबाव कम करना जरूरी है। बीच से कटी विशेष गद्दी का इस्तेमाल करें, लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें और बीच-बीच में टहलें। प्रभावित स्थान पर 15 से 20 मिनट तक ठंडी सिकाई से राहत मिल सकती है। कुछ लोगों को गर्म सिकाई से आराम मिलता है।
दर्द लंबे समय तक बना रहे तो चिकित्सक से परामर्श लें। जरूरत के अनुसार एक्स-रे या चुंबकीय अनुनाद चित्रण जांच कराई जा सकती है। भौतिक चिकित्सा भी लाभकारी हो सकती है।
दवाएं चिकित्सकीय सलाह से ही लें। पुच्छास्थि के आसपास सूजन, लालिमा, मवाद या बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं। पैरों में कमजोरी अथवा पेशाब-मल पर नियंत्रण की परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें।