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Teachers Day: चंदौली की टीचर रीता पांडेय की मेहनत से बदली सरकारी स्कूल की तस्वीर, बच्चे बोलते हैं फर्राटेदार इंग्लिश

Published: Sat, 05 Sep 2026 11:02 AM (IST)

चंदौली की शिक्षक रीता पांडेय ने अपनी मेहनत से वियासड़ गांव के कंपोजिट विद्यालय को जिले में शीर्ष पर पहुंचाया, जहां बच्चे अब फर्राटे से अंग्रेजी बोलते हैं।

रीता पांडेय

रीता पांडेय

HighLights

  1. रीता पांडेय ने वियासड़ के कंपोजिट विद्यालय को बनाया जिले में टॉप।

  2. उनके प्रयासों से बच्चे अब फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने में सक्षम।

  3. राष्ट्रीय स्तर पर टीचर आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित, बनी प्रेरणास्रोत।

जागरण संवाददाता, चंदौली। वियासड़ गांव की शिक्षक रीता पांडेय ने अपनी मेहनत और लगन से विद्यालय की तस्वीर बदलने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है।

गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात रीता नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ शिक्षणेत्तर गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनके प्रयास से विद्यालय के बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है और कई बच्चे अब अंग्रेजी में संवाद करने लगे हैं।

रीता की मेहनत को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। अति पिछड़े क्षेत्र में स्थित स्कूल कभी बॉटम पर था लेकिन उनकी अथक प्रयास का परिणाम है कि वह आज जिले में टॉप पर है। दीवारों पर चित्रों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने की शैली ने अति पिछड़े क्षेत्र के बच्चों में पढ़ाई के प्रति ललक बढाई।

टीचर आइकॉन अवॉर्ड से हो चुकी हैं सम्मानित

स्कूल में जहां बच्चों की संख्या बढ़ गई तो अब यह लैपटॉप, टैबलेट सहित अन्य सुविधाओं से सुसज्जित हो चुका है। वर्ष 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सेमिनार में शिक्षणेत्तर गतिविधियों और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें टीचर आइकॉन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

इससे पहले प्रदेश स्तर पर आयोजित आईसीटी पुरस्कार और अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक समागम में कविता लेखन में प्रथम स्थान प्राप्त कर वह सम्मानित हो चुकी हैं। विद्यालय में बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के साथ वह समाजसेवा में भी सक्रिय हैं। उनकी कार्यशैली अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

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