यूपी में रबी बोआई के लिए किसानों को 50% अनुदान पर मिलेंगे बीज, धान में पीले-काले दाने दिखने पर हो जाएं सतर्क
चंदौली में रबी फसलों की बुवाई शुरू हो गई है, जिसमें किसानों को 50% अनुदान पर बीज मिल रहे हैं। ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
रबी फसलों की बुवाई शुरू, 50% अनुदान पर बीज।
गेहूं, चना, मटर, मसूर, सरसों के बीज उपलब्ध।
धान में आभासी कंडुआ रोग से बचाव के उपाय।
जागरण संवाददाता, चंदौली। रबी फसलों की बोआई का अभियान शुरू हो गया है। कृषि विभाग ने किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि राजकीय बीज गोदामों पर गेहूं, चना, मटर, मसूर और सरसों के बीज उपलब्ध हैं। ऑनलाइन बुकिंग की पुष्टि वाले किसान गोदामों से बीज ले सकते हैं।
जिले के लिए गेहूं का 10,251 क्विंटल, चना का 286.24 क्विंटल, मटर का 7.40 क्विंटल, मसूर का 120.04 क्विंटल और सरसों का 31 क्विंटल बीज आवंटित किया गया है। विभाग के अनुसार, बीज गोदामों तक पहुंचा दिए गए हैं। जिले में रबी फसलों के लिए यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी खाद भी उपलब्ध है।
किसान अपने खेत के रकबे के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से नियमानुसार खाद खरीद सकते हैं। कृषि अधिकारी ने समय पर बोआई करने और खाद का जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करने की सलाह दी।
धान की बालियों में पीले-काले दाने दिखें तो रहें सतर्क
धान की बालियों में पीले या काले रंग का पाउडर दिखने पर किसान सतर्क रहें। यह धान का आभासी कंडुआ रोग हो सकता है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि यह फफूंद से फैलता है। धान की शुरुआती अवस्था में इसके लक्षण नहीं दिखते, लेकिन बालियां निकलने पर दानों की जगह पीला या काला पाउडर दिखाई देता है।
25 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान और 90 प्रतिशत से अधिक नमी में यह रोग तेजी से फैलता है। बचाव के लिए गर्मी में गहरी जुताई करें, बीज का स्यूडोमोनास फ्लोरोसेंस या ट्राइकोडर्मा से उपचार करें और उर्वरकों का अधिक इस्तेमाल न करें। फसल चक्र अपनाना भी जरूरी है। बाली निकलने की अवस्था में कृषि विशेषज्ञ की सलाह से उचित फफूंदनाशक का छिड़काव करें।
