चंदौली मेडिकल कॉलेज में पीजी पढ़ाई होगी शुरू, 12 विभागों में 37 सीटों को मिली मंजूरी
चंदौली के बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अब स्नातकोत्तर की पढ़ाई भी होगी।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 12 विभागों में कुल 37 पीजी सीटों को स्वीकृति प्रदान की है।
HighLights
बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में अब स्नातकोत्तर की पढ़ाई होगी।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 12 विभागों में 37 पीजी सीटें स्वीकृत कीं।
यह उपलब्धि चिकित्सा शिक्षा का विस्तार कर विशेषज्ञ डॉक्टर बनाएगी।
जागरण संवाददाता, चंदौली। बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अब स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई भी होगी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मेडिकल कॉलेज के 12 विभागों में कुल 37 पीजी सीटों को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही जिले में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होने जा रही।
उप प्राचार्य डॉ. नैंसी पारुल ने बताया कि अब तक एमबीबीएस की पढ़ाई तक सीमित रहे मेडिकल कॉलेज में पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार करने का अवसर मिलेगा। जनवरी से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। एनएमसी की ओर से शुक्रवार को जारी पीजी ब्राड स्पेशियलिटी सीटों की सूची में कॉलेज के लिए स्वीकृत सीटों का विभागवार विवरण दिया गया है। इसके अनुसार शरीर रचना विज्ञान में दो, जैव रसायन विज्ञान में तीन, न्यायालयिक चिकित्सा एवं विष विज्ञान में तीन, सूक्ष्म जीव विज्ञान में दो, बाल रोग विभाग में दो, विकृति विज्ञान में चार, औषधि विज्ञान में तीन और शरीर क्रिया विज्ञान में चार सीटें स्वीकृत हुई हैं।
इसी प्रकार सामान्य शल्य चिकित्सा में चार, प्रसूति व स्त्री रोग विभाग में चार, नेत्र रोग विभाग में दो और अस्थि रोग विभाग में चार सीटें मिली हैं। इन सीटों की स्वीकृति के लिए एनएमसी की टीम ने सितंबर में मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान संबंधित विभागों में उपलब्ध संसाधनों, शिक्षण कक्ष, आपरेशन थियेटर, आवासीय भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया गया था।
टीम ने पीजी पाठ्यक्रम संचालन के लिए जरूरी शैक्षणिक और आधारभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। निरीक्षण के बाद अब सीटों की स्वीकृति मिलने से कालेज में स्नातकोत्तर शिक्षा शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, मेडिसिन और मानसिक रोग विभाग को पीजी की एक भी सीट नहीं मिली है। इन दोनों विभागों में भी सीटों की स्वीकृति मिलने की उम्मीद थी।
ऐसे में कालेज प्रशासन को निराशा हाथ लगी है। पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से न केवल चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि भविष्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। आसपास के जिलों और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के रोगियों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डा. अमित सिंह ने कहा कि पीजी की शिक्षा मेडिकल कालेज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार करने का अवसर मिलेगा। शेष विभागों में भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं विकसित कर भविष्य में पीजी पाठ्यक्रम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।