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धान की कटाई के बाद खेत में उगाएं अगैती आलू, कुफरी चिप्सोना और आनंद जैसी किस्मों से दोगुनी होगी कमाई

Published: Mon, 19 Oct 2026 10:31 AM (IST)

चंदौली में किसान धान की कटाई के बाद अगैती आलू की खेती कर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं। इसके लिए ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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HighLights

  1. धान के बाद अगैती आलू की खेती से आय बढ़ाएं।

  2. कुफरी चिप्सोना, आनंद जैसी उन्नत किस्में चुनें।

  3. उचित बीज, जल निकासी, उर्वरक प्रबंधन महत्वपूर्ण।

जागरण संवाददाता, चंदौली। धान की कटाई के बाद खाली होने वाले खेतों में किसान अगैती आलू की खेती कर अतिरिक्त आमदनी की तैयारी कर सकते हैं। अक्टूबर में मौसम अनुकूल रहने पर इसकी बोआई की जा सकती है। अगैती फसल समय से तैयार होने पर बाजार में शुरुआती मांग का लाभ मिलने की संभावना रहती है। बेहतर उत्पादन के लिए खेत की तैयारी, गुणवत्तायुक्त बीज और फसल प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए।

अगैती आलू की खेती के लिए किसान कुफरी चिप्सोना, कुफरी आनंद, कुफरी अशोक, कुफरी बहार और कुफरी चंद्रमुखी आदि किस्मों का चयन कर सकते हैं। चिप्स बनाने के उद्देश्य से खेती करने वाले किसानों के लिए कुफरी चिप्सोना उपयोगी विकल्प है।

खेत में न होने दें जलभराव

बोआई के लिए प्रमाणित, गुणवत्तायुक्त और रोगमुक्त बीज का इस्तेमाल करना चाहिए। आलू की अच्छी पैदावार के लिए खेत की मिट्टी भुरभुरी रखें और जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करें। फसल की जरूरत के अनुसार सिंचाई, निराई-गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाने का काम समय से पूरा करें। इससे कंदों के विकास में मदद मिलती है।

फसल में झुलसा सहित अन्य रोगों की निगरानी भी जरूरी है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेन्द्रदेव दुबे ने बताया कि आलू की खेती में गुणवत्तायुक्त बीज का चयन और संतुलित उर्वरक प्रबंधन महत्वपूर्ण है।

किसानों को खेत में जलभराव नहीं होने देना चाहिए। फसल की नियमित निगरानी करने के साथ रोगों के लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उपचार करना चाहिए। बेहतर प्रबंधन से उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने और खेती को लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है।

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