जागरण संवाददाता, चंदौली : बी-टेक व कंप्यूटर डिग्रीधारकों को ही अब ई-स्टांप का लाइसेंस मिलेगा। आवेदन के साथ डिग्री लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। अपर जिलाधिकारी स्तर से इसकी जांच के बाद लाइसेंस जारी किया जाएगा।

दरअसल, जिले में 17 स्टांप वेंडरों को ई-स्टांप का लाइसेंस दिया गया है लेकिन कंप्यूटर की जानकारी न होने की वजह से ई-स्टांप जारी नहीं कर पा रहे हैं। जमीन की रजिस्ट्री में ई-स्टांप की अनिवार्यता के बाद मारामारी मची है। ऐसे में शासन ने गाइडलाइन में बदलाव किया है।

स्टांप में धांधली पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री व अन्य कार्यों के लिए ई-स्टांप अनिवार्य कर दिया है। कोशिश है कि स्टांप को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए जनपद स्तर पर लाइसेंस भी दिए गए हैं। जरूरतमंद निर्धारित धनराशि स्टांप वेंडरों के करेंट एकाउंट में आनलाइन ट्रांसफर करेंगे। वे इसे स्टाक होल्डिग आफ इंडिया के खाते में जमा कराकर ई-स्टांप जारी करते हैं। खासियत यह कि 10 रुपये से लेकर 10 लाख तक की मालियत का ई-स्टांप एक पन्ने का ही जारी किया जाएगा। इससे नकली स्टांप का चलन रुकेगा। वहीं जमीन की रजिस्ट्री की कम पन्ने की डीड होने की वजह से सत्यापन में भी कम समय लगेगा।

जिला प्रशासन की ओर से एक साल पहले ही 17 स्टांप वेंडरों को ई-स्टांप का लाइसेंस जारी कर दिया गया, लेकिन इसमें 90 फीसद कंप्यूटर की जानकारी नहीं रखते। ऐसे में लाइसेंस मिलने के बाद ई-स्टांप जारी नहीं कर पा रहे हैं। न तो उनके पास तकनीकी जानकारी है और न ही कंप्यूटर, लैपटाप और प्रिटर है। इसकी वजह से परेशानी बनी हुई है। ई-स्टांप के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ रहा। इसको देखते हुए शासन ने अब ऐसे लोगों को ई-स्टांप का लाइसेंस देने का निर्देश दिया है, जिनके पास बी-टेक अथवा कंप्यूटर की डिग्री हो, ताकि ई-स्टांप जारी कर सकें।

मात्र दो बैंकों में सुविधा

ई-स्टांप जारी करने के लिए जिले के मात्र दो बैंकों में सुविधा है। मुख्यालय स्थित इलाहाबाद बैंक व पीडीडीयू नगर में एक बैंक में ई-स्टांप के लिए काउंटर बनाए गए हैं। यहां स्टाक होल्डिग आफ इंडिया के प्रतिनिधि कार्यालय अवधि तक मौजूद रहते हैं। लोग निर्धारित फीस जमाकर यहां से ई-स्टांप जारी करवा सकते हैं। ' अब बी-टेक व कंप्यूटर डिग्रीधारकों को ही ई-स्टांप का लाइसेंस मिलेगा। इसके लिए शासन से निर्देश मिले हैं। आवेदनकर्ताओं के आवेदन और डिग्री का दो स्तर पर सत्यापन कराने के बाद लाइसेंस जारी किया जाएगा। रामसुंदर यादव, उपनिबंधक, सदर

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