चंदौली में जीटीआर ब्रिज पर टूटी पटिया बनी जानलेवा, ट्रैक पर नीचे गिरे डिप्टी एसएस
पीडीडीयू नगर में जीटीआर रेलवे ब्रिज पर क्षतिग्रस्त पटिया और अंधेरे के कारण एक डिप्टी स्टेशन अधीक्षक गंभीर रूप से ...और पढ़ें

चंदौली: जीटीआर ब्रिज पर टूटी पटिया और अंधेरे से डिप्टी एसएस गंभीर घायल, सुरक्षा पर सवाल।
HighLights
डिप्टी एसएस संतोष पांडेय जीटीआर ब्रिज से गिरे।
क्षतिग्रस्त पटिया और अंधेरा हादसे का मुख्य कारण।
पुल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।
जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। जीटीआर रेलवे ब्रिज पर क्षतिग्रस्त पटिया और अंधेरे ने गुरुवार शाम एक रेलकर्मी की जान जोखिम में डाल दी। ड्यूटी पर जा रहे डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) संतोष कुमार पांडेय पुल से नीचे रेलवे ट्रैक पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर, छाती और कमर में गंभीर चोटें आई हैं।
रेलकर्मियों ने उन्हें तत्काल मंडल रेल अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए वाराणसी स्थित हेरिटेज अस्पताल रेफर कर दिया। संतोष कुमार पांडेय इंडियन इंस्टीट्यूट स्थित अपने आवास से आरआरआई पीडीडीयू में ड्यूटी करने पैदल जा रहे थे। इसी दौरान जीटीआर ब्रिज पर पहुंचने के बाद अंधेरे में उन्हें क्षतिग्रस्त होकर हट चुकी पटिया दिखाई नहीं दी।
जैसे ही उनका पैर वहां पड़ा, संतुलन बिगड़ गया और वह पुल से सीधे नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरे। अचानक हुई घटना से आसपास मौजूद रेलकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्हें अचेत अवस्था में उठाकर अस्पताल पहुंचाया।हादसे ने जीटीआर ब्रिज की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
पुल पर पटिया क्षतिग्रस्त होने के बावजूद मरम्मत नहीं होना और पर्याप्त रोशनी का अभाव रेलकर्मियों की आवाजाही को जोखिमपूर्ण बना रहा है। यह मार्ग रेलकर्मियों के आवागमन के लिए इस्तेमाल होता है।
ऐसे में क्षतिग्रस्त हिस्से की घेराबंदी, चेतावनी संकेत और प्रकाश व्यवस्था का अभाव गंभीर सवाल खड़े करता है। डिप्टी एसएस के साथ हुए हादसे ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर किसी बड़े हादसे के बाद ही रेलवे प्रशासन की नजर इस खतरे पर पड़ेगी या समय रहते पुल की मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।