जागरण संवाददाता, शहाबगंज (चंदौली) : राजकीय कृषि रक्षा इकाई भवन इतना जर्जर है कि कर्मचारी इसमें बैठने से डरते हैं। वे आते हैं और रजिस्टर में हाजिरी लगाकर निकल जाते हैं। इससे किसानों को इस केंद्र का लाभ नहीं मिल रहा है। कीटनाशक दवा के अभाव में उन्हें प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर दवा खरीदनी पड़ रही है।

किसानों की सुविधा के लिए ब्लाक परिसर में कृषि रक्षा इकाई केंद्र खोला गया है। इस केंद्र से सीजन में खाद, बीज और कीटनाशक दवा मिलने के साथ किसानों को फसलों से बचाव व आधुनिक खेती के लिए प्रेरित किया जाता है। भवन जर्जर होने के कारण इसमें कर्मचारी ही नहीं बैठते हैं। कर्मचारी यहां आकर लौट जाते हैं। भवन जर्जर और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण दो साल से कीटनाशक की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके पूर्व किसानों को कृषि रक्षा इकाई से किसानों को छूट पर सारा सामान उपलब्ध हो जाता था लेकिन दो साल से यह लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई बार मांग के बाद भी विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उप निदेशक कृषि राजीव भारती ने कहा भवन मरम्मत को शासन से बजट मांगा गया है। यहां के कुछ कर्मचारियों को ब्लाक व कुछ को जिला कार्यालय से अटैच किया गया है।

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