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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

17 घंटे बाद 200 मीटर ट्रैक दुरुस्त, देर रात शुरू हुआ ट्रेनों का परिचालन

By JagranEdited By:
Published: Thu, 18 Nov 2021 08:53 PM (IST)

पीडीडीयू नगर (चंदौली) प्रयागराज और पीडीडीयू जंक्शन के ब्लाक हट के पास बुधवार की सुबह 6.45 बजे मालगाड़ी की आठ बोगियां अचानक बेपटरी हो गई थी।

17 घंटे बाद 200 मीटर ट्रैक दुरुस्त, देर रात शुरू हुआ ट्रेनों का परिचालन
17 घंटे बाद 200 मीटर ट्रैक दुरुस्त, देर रात शुरू हुआ ट्रेनों का परिचालन

जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली) : प्रयागराज और पीडीडीयू जंक्शन के ब्लाक हट के पास बुधवार की सुबह 6.45 बजे मालगाड़ी की आठ बोगियां अचानक बेपटरी हो गई थी। इससे दो सौ मीटर ट्रैक टूट गया था। रेल प्रशासन ने आठों बोगियों को ट्रेन से काटकर अलग कर दिया था और ट्रैक की मरम्मत शुरू की। बुधवार की रात्रि 11.30 बजे तक विद्युत, कैरेज एंड वैगन, टीआरडी और इंजीनियरिग विभाग ने मिलकर काम किया, इसके बाद रेल परिचालन शुरू हुआ। लगभग 17 घंटे तक दिल्ली की तरफ से आने वाली ट्रेनों को वाया प्रयागराज वाराणसी होते हुए पीडीडीयू जंक्शन तक लाया गया। परिचालन बहाल होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। रात तक डीआरएम राजेश कुमार पांडेय और कमांडेंट आशीष मिश्र दुर्घटना स्थल पर डटे रहे।

गुजरात के राजकोट से सियालदह के पास काशीपुर स्टेशन के लिए टाइल्स से भरे कंटेनर लेकर मालगाड़ी लेकर जा रही थी। मालगाड़ी जैसे ही वेस्ट केबिन (डफरपुरवा) के पास पहुंची अचानक एक एक कर मालगाड़ी की आठ बोगियां पटरी से उतरकर गईं। इससे उन पर लदे कंटेनर छिटककर खेत में गिर गए। दुर्घटना के कारण डाउन लाइन का परिचालन बंद हो गया। दुर्घटना से प्रयागराज और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के मध्य डाउन लाइन पर आवागमन अवरूद्ध हो गया। रूट के बाधित होने के बाद दिल्ली की तरफ से आने वाली ट्रेनों को वाया प्रयागराज वाराणसी के साथ ही कुछ ट्रेनों को वाया प्रयागराज व्यासनगर होते हुए पीडीडीयू जंक्शन और आगे के लिए रवाना किया जा रहा था। इसके अलावा पीडीडीयू जंक्शन से सूबेदारगंज के बीच चलने वाली ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। घटना के बाद से ही विद्युत, कैरेज एंड वैगन, टीआरडी और इंजीनियरिग विभाग के कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। देर रात तक कड़ी मशक्कत के बाद दौ सो मीटर टूटी पटरी व ओवर हेड इक्विपमेंट को दुरुस्त किया गया।