खुर्जा की इस फैशन डिजाइनर की पूरे यूपी में चर्चा, घर से खाना तैयार कर भूखों का पेट भर रही युक्ति
खुर्जा की युक्ति कौशिक जरूरतमंदों को भोजन कराने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही हैं।

जरूरतमंदों की मदद करने के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी करतीं हैं कार्य।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, खुर्जा (बुलंदशहर) । समाज में बदलाव केवल सरकारी योजनाओं से ही नहीं, बल्कि समाजसेवा में जुटे लोगों के समर्पण से भी होता है।
नगर निवासी युक्ति कौशिक वंचितों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रही हैं। वह ना केवल जरूरतमंदों का पेट भरने का बीड़ा उठाए हुए हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी जुटी हैं। उन्हें कई प्रतिष्ठित संस्थाएं सम्मानित भी कर चुकी हैं।
क्षेत्र के मुहल्ला राधाकृष्ण निवासी युक्ति कौशिक पेशे से फैशन डिजाइनर हैं। किशोर अवस्था से ही उनके मन में दूसरों के जीवन में उजाला करने की ललक थी। स्नातक की पढ़ाई के साथ उन्होंने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग और रेडियो जाकी का कोर्स भी किया।
उन्होंने अपने इसी सफर की शुरुआत वंचित बच्चों को मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाने और उनकी फीस भरने से की थी। वर्ष 2008 में विवाह के बाद भी उनका सेवा-भाव थमा नहीं, बल्कि पति पाटरी कारोबारी करन कौशिक के सहयोग से और अधिक मजबूत हो गया। जरूरतमंदों की सेवा को अपना मुख्य ध्येय बनाते हुए उन्होंने सबसे पहले गरीबों और भूखों को भोजन कराना शुरू किया।
वह कुष्ठ आश्रम और मलिन बस्तियों में लगातार पहुंचकर लोगों को भरपेट भोजन और खाद्य सामग्री वितरित करती हैं। कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने कई महीनों तक लगातार जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया, जो आज भी अनवरत जारी है। इसके अलावा समय-समय पर बच्चों को बिस्कूट, समोसा, फ्रूटी, फल आदि वितरित करने का कार्य भी उनके द्वारा किया जाता है।
घर से खाना तैयार कर भूखों तक पहुंचाती हैं युक्ति
युक्ति कौशिक ने बताया कि कई बार नगर के गांधी मार्ग, मुहल्ला तेलियाघाट, किला मार्ग आदि स्थानों पर कुछ लोग ऐसे मिले, जो इधर-उधर घूमते भोजन मांगते रहते थे।
जिनको देखकर उनके मन में अजीब से पीड़ा हुई, तो उन्होंने अपने परिवार के लिए भोजन तैयार करने के साथ ही ऐसे लोगों के लिए भी भोजन बनाना शुरू कर दिया। जिन्हें पैक करके पति के सहयोग तक ऐसे लोगों तक पहुंचाया। वर्तमान में भी ऐसे लोगों को भोजन कराने समेत खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।
कई संस्थाओं में रहकर किया कार्य
युक्ति कौशिक ने वूमेन पावर एसोसिएशन, युवा समर्पित संस्थान, नव भारत सामाजिक विकास संस्था आदि कई संस्था में रहकर कार्य किया। उन्होंने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर समाजसेवा के कार्य को आगे बढ़ाया।
साथ ही सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन और पेंटिंग का प्रशिक्षण दिलाना शुरू किया। आज उनकी संस्था के प्रयासों से करीब 50 महिलाएं पूरी तरह आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
यह भी पढ़ें- अमृतसर की डॉ. स्वराज ग्रोवर ने 58 वर्षों में बचाए 25000 से अधिक बिखरते परिवार, समाज सेवा को समर्पित की पेंशन
यह भी पढ़ें- कटक की 'मोड़ा मां' पिछले 3 दशकों से लिख रही हैं मानवता की अनूठी कहानी, समाज सेवा को बनाया जीवन का मिशन
