बुलंदशहर, जेएनएन। ऊंचागांव क्षेत्र के गांव नरसेना और करियारी में जानलेवा बुखार ने दो लोगों की जान ले ली। जिसमें एक महिला और दूसरे किसान की मौत होने की जानकारी से स्वास्थ विभाग अनभिज्ञ बना हुआ है। गांव नरसेना में दर्जनों लोग बुखार की चपेट में होने के कारण अपना उपचार झोलाछाप चिकित्सकों से करा रहे है। क्षेत्र में बुखार से पहले भी एक महिला की मौत हो चुकी है।

गंदगी और मच्छरों के प्रकोप के चलते क्षेत्र में लगातार बुखार अपने पैर पसार रहा है। गांव नरसेना में पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित आरती 32 वर्ष पत्नी नीरज ने दम तोड़ दिया। स्वजन ने बताया कि आरती के बुखार की चपेट में आने पर गांव में झोलाछाप चिकित्सक से उपचार कराया था। लेकिन हालत में सुधार न होने पर जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर कोई सुधार न होने पर उसे चिकित्सकों ने दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। गुरुवार को दिल्ली ले जाते समय रास्ते में ही आरती ने दम तोड़ दिया। जबकि गांव में दर्जनों मरीज बुखार की चपेट में हैं। गांव करियारी निवासी भीमा 43 वर्ष प्रकाश पिछले कई दिन से बुखार से पीड़ित था। जिसका उपचार गांव में एक निजी चिकित्सक पर चल रहा था। जिसने मंगलवार की रात को हालत खराब होने पर गांव में ही दम तोड़ दिया। जबकि गांव अमरगढ़ में एक महिला पहले ही बुखार से दम तोड़ चुकी है। लगातार क्षेत्र में जानलेवा बुखार लोगों को अपना शिकार बना रहा है। स्वास्थ विभाग लगातार हो रही मौतों से अनजान बना हुआ है।

इन्होंने कहा..

गांव नरसेना और करियारी में बुखार से मौत होने की जानकारी नहीं है। मृतकों की जांच रिपोर्ट देखी जाएगी और गांव में स्वास्थ शिविर लगाकर मरीजों की जांच कर दवा का वितरण कराया जाएगा।

डा. पीयूष त्रिपाठी, सीएचसी प्रभारी

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