मेरठ, जेएनएन। बुलंदशहर के चिंगरावठी बवाल में मारे गए सुमित के शव का मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे पोस्टमार्टम हो गया। मेरठ मेडिकल कॉलेज की मर्चरी पर सुमित के बहन-बहनोई सोमवार से डटे थे, वहीं मंगलवार को उसके पिता बलवीर और अन्य परिजन भी आ गए। उन्होंने इंस्पेक्टर सुबोध की गोली से सुमित के मारे जाने की बात कही। साथ ही इंस्पेक्टर के परिवार को जितना मुआवजा मिला है, उतने मुआवजे और परिजन को सरकारी नौकरी की मांग रखी। उधर, अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

परिजनों ने लगाया आरोप
पोस्टमार्टम हाउस पर सुमित के परिजनों ने आरोप लगाया कि सुमित की पुलिस वालों ने ही गोली मारकर हत्या कर डाली। सुमित अपने दोस्त को स्टैंड तक छोड़ने गया था और पांच मिनट बाद ही उसे गोली लगने की सूचना मिल गई। परिजनों ने कहा कि उनके बेटे का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह दंगे में शामिल नहीं था। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की गोली से उसकी मौत हुई है। इंस्‍पेक्‍टर परिवार के बराबर उन्हें मुआवजा दिया जाए और परिजन को सरकारी नौकरी मिले। उन्होंने दोषी पुलिसवालों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
शव बुलंदशहर भेजा
पोस्टमार्टम के बाद सुमित के शव को बुलंदशहर रवाना कर दिया गया। इस दौरान एसपी सिटी और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि सुमित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। एसपी सिटी ने बताया कि सुमित की मौत प्रथमदृष्टया गोली लगने की वजह से ही हुई है। गोली सरकारी हथियार से चली या फिर किसी दंगाई ने चलाई यह जांच का विषय है। गौरतलब है कि कल शाम सुमित को बुलंदशहर से मेरठ में अस्पताल में भेजा गया था। रास्ते में उसकी मौत हो गई थी।

Posted By: Ashu Singh