यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सामाजिक तानाबाना से शुरू होंगी चीनी मिलें
राज्य सरकार ने प्रदेश की समस्त चीनी मिलों को 25 अक्टूबर तक प्रत्येक दशा में शुरू करने के निर्देश दिए ...और पढ़ें

बुलंदशहर, जागरण टीम। राज्य सरकार ने प्रदेश की समस्त चीनी मिलों को 25 अक्टूबर तक प्रत्येक दशा में शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही प्रदेश में गन्ने के दाम 325 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये प्रति कुंतल कर दिया था। पेराई सत्र 15 से 20 दिन पहले शुरू होने से किसानों को इसका लाभ मिलता और गेहूं की फसल के लिए खेत समय से खाली हो जाते। हालांकि ऐसा नहीं हो पाया। जनपद की चारों चीनी मिलें औपचारिकता तौर पर सात और आठ नंवबर को शुरू हो जाएंगी, लेकिन टीसीडी यानि क्षमता के अनुसार 16 नवंबर के बाद ही पेराई सत्र शुरू होगा।
अक्टूबर माह के अंतिम दो सप्ताह तक जोरदार बारिश हुई और खेतों में पानी भरा रहा। ऐसे में चीनी मिलों ने न इंडेंट जारी किया और न ही क्रय केंद्र लगवा सके। इसके बाद चीनी मिलों को सफाई व्यवस्था और अन्य कार्यों के लिए मजदूर नहीं मिल पाए। क्योंकि बिहार, महाराष्ट्र और उत्तरांचल से मजदूर दीपावली मनाकर ही काम की तलाश में निकलते हैं। दीपावली पर्व के बाद 10 नवंबर को छठ पूजा होगी। यानि इस दौरान भी चीनी मिलों का पहिया ठिठका रहेगा।
कशमकश में चीनी मिल प्रबंधन
अगौता, अनूपशहर, बुलंदशहर और साबितगढ़ चीनी मिलों ने ब्वाइलर की सफाई, यार्ड की मरम्मतीकरण, केंद्रों का आंवटन और इंडेंट तक जारी कर दिया है। इसके बावजूद भी चीनी मिल प्रबंधन पेराई क्षमता के अनुसार गन्ना मिलने पर संशय उठा रहे हैं। क्योंकि 10 नवंबर को छठ पूजा के बाद 19 नवंबर को कार्तिक मेला है। इस मेले में किसान परिवार सहित छह से सात दिनों तक गंगा तट में स्नान में जुटे रहते हैं। ऐसे में भी पेराई सत्र की गति पर काफी असर पड़ेगा।
इन्होंने कहा..
जिले की चारों चीनी मिल ने इंडेंट जारी कर दिया है सात व आठ नंवबर से गन्ना खरीद शुरू हो जाएगी। अनूपशहर चीनी मिल का कल उद्घाटन होगा। पेराई सत्र में कोई कोताही नहीं बरती गई है।
-डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी।
