बुलंदशहर, जेएनएन। औरंगाबाद थाना क्षेत्र में हुई घटना में मेधावी छात्रा सुदीक्षा की मौत के मामले में पुलिस ने देर रात औरंगाबाद थाने में सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी की तहरीर पर दो अज्ञात युवकों के खिलाफ ओवरटेक कर लापरवाही से हादसा करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसओ सुभाष ने बताया कि मुकदमा आइपीसी की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाकर दूसरों की जान को संकट में डालना), धारा 304 ए (लापरवाही से होने वाली मौत) के धारा के साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 177 (यातायात नियमों का उल्लंघन), धारा 184 (यातायात नियम के उल्लंघन पर लाइसेंस जब्त होना) और धारा 192 (तेज गति से वाहन चलाना व जान लेना) में दर्ज किया गया है। मुकदमे मे जितेंद्र की ओर से कहा गया है कि बाइक उनका भाई सतेंद्र चला रहा था और उनका भतीजा निगम भाटी और बेटी सुदीक्षा सवार थीं। हालांकि देर शाम सुदीक्षा के चाचा सुमित भाटी ने फोन पर बताया था तहरीर उसकी ओर से दी गई और तहरीर में छेड़छाड़ और स्टंट से बचने के दौरान भतीजी की मौत बताया गया था। अब देर रात अचानक सुदीक्षा के पिता की तरफ से तहरीर आई और मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मुकदमे में न तो छेड़छाड़ का जिक्र है और न ही स्टंट आदि का। अचानक क्या हुआ इसका जवाब देने से हर कोई बचता रहा।

उप्र राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बिमला बाथम ने मनचलों की हरकत से मेधावी छात्रा सुदीक्षा की मौत का संज्ञान लिया है। बिमला बाथम ने डीएम व एसएसपी को पत्र जारी कर तत्काल आख्या मांगी है। 

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