जेएनएन, बुलंदशहर : यमुनापुरम स्थित ब्लू लोटस एकेडमी में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विश्व ओजोन दिवस पर जागरूकता आयोजन किया। इसमें ओजोन परत के संरक्षण पर मंथन कर वक्ताओं ने एसी, फ्रिज, कोल्ड चेन आदि संयंत्रों कम इस्तेमाल करने की नसीहत दी। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) सपना श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है। सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों को फिल्टर करती हैं। ताकि सूर्य की किरणे सीधे जीवों के जीवन की रक्षा करने में सहायता करती है, लेकिन भोजन और जीवनरक्षक टीकों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज या कोल्ड चैन जैसे संयत्र का इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे निकलने वाली हाइड्रोफ्लोरोकार्बन गैस ओजोन परत को हानि पहुंचा रही हैं। इसलिए ओजोन परत की रक्षा के लिए इन संयत्रों का कम से कम इस्तेमाल होना चाहिए। अवर अभियंता कुंवर संतोष ने पर्यावरण एवं वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के इंडिया कूलिग एक्शन प्लान पर प्रकाश डाला। कहा कि यह प्लान विश्व ओजोन दिवस 2021 की थीम के अनुरूप है। कार्यक्रम में सहायक वैज्ञानिक अधिकारी डा. नीज चतुर्वेदी, सहायक अभियंता पर्यावरण अजय कुशवाहा, अनुप्रिया आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों सहित निशा फातिमा, राहुल, विजय सिंह, अब्दुल्ला आदि मौजूद रहे।

सूरज के आगे घटती ओजोन परत को लेकर किया जागरूक

संवाद सूत्र, ककोड़ : ककोड़ स्थित केशव माधव सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुरूवार को विश्व ओजोन दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार मिश्र एवं मुख्य वक्ता शिक्षक पंकज शर्मा रहे। शिक्षक पंकज शर्मा ने कहा कि ओजोन लेयर हमारी सूर्य से आनी वाली हानिकारक पराबैगनी किरणों से रक्षा करती है। लेकिन बढ़ते प्रदूषण के कारण यह ओजोन परत लगातार घट रही है। जो चिता का विषय है। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यालय के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ओजोन परत की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने और वायु प्रदूषण रोकने के लिए छात्र-छात्राओं को लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। मौके पर शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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