बुलंदशहर, जेएनएन। अफसरों की मिलीभगत हो या लापरवाही कारण चाहे जो भी हो आधार कार्ड में संशोधन करना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। कई-कई चक्कर लगाने के बाद भी एक संशोधन पर दो सौ रुपये लिए जा रहे हैं। जो व्यक्ति दो सौ रुपये नहीं देता है, उसको संशोधन के लिए मना कर दिया जाता है। कई बार लोग लिखित में इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। डाकघर और बैंकों में जहां भी आधार कार्ड बन रहे हैं, वहां आपाधापी मची रहती है। लोग सारे काम छोड़कर लोग सुबह ही लाइन में आकर लग जाते हैं। आए दिन सर्वर ठप

लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं। आए दिन सर्वर ठप हो जाता है। सर्वर ठप होने के बाद भी लोग उम्मीद में खड़े रहते हैं। सुबह से शाम होने के बाद घर वापस चले जाते हैं। सर्वर की दिक्कत दिल्ली से ही दूर होती है। जब जन सुविधा केन्द्र पर आधार बनते थे। तब इतनी दिक्कत नहीं थी। अभी भी जिले में करीब दस लोग आधार कार्ड से वंचित हैं।

इन्होंने कहा.

मेरे पास आधार कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली की कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी एडीएम और डीएम से औचक जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। लोग निर्धारित फीस ही दें। यदि अधिक पैसे कोई मांगता है तो उसकी शिकायत करें।

-रविद्र कुमार, डीएम

Posted By: Jagran

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