बुलंदशहर, जेएनएन। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण जिला प्रशासन और पुलिस शहर-कस्बों से लेकर गांव-गांव में तलाशी अभियान चलाए हुए हैं। पिछले दस दिनों में ही जनपद भर में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में पांच हजार से अधिक लोगों को तलाश कर रखा गया है। यहां इनके खाने-पीने से लेकर जांच आदि का ख्याल रखा जा रहा है। जबकि अभी भी तलाशी अभियान जारी रहने के कारण संख्या में इजाफा होने की उम्मीद प्रशासन को है।

महामारी फैलते ही जनपद से बाहर गए लोगों का अपने घर लौटने का सिलसिला शुरू हुआ। मार्च माह के शुरूआत में ही जनपद के मूल निवासी करीब दो हजार लोग वापस आ गए। इसके बाद जैसे-जैसे रोग बढ़ता गया, लोगों के आगमन का सिलसिला भी तेजी से चला। मार्च के तीसरे सप्ताह स्थिति खराब होती देख बाहर से आए लोगों की तलाश में अभियान शुरू किया गया और सबसे पहले दिल्ली की मरकज से आए जमातियों को खोजा गया। साथ ही गांव और कस्बों में पहुंचे यहां के मूल निवासियों की पहचान भी शुरू की गई। पहचान होने पर सभी को समाज से अलग रखने के लिए विद्यालय, पंचायत घर, बारातघर आदि में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए। अप्रैल के पहले सप्ताह तक इन क्वारंटाइन सेंटर में पांच हजार से अधिक लोगों को रखकर निगरानी शुरू की जा चुकी है। अभी बढे़गी संख्या

मार्च के अंतिम सप्ताह तक जनपद के गांवों में बाहर से आए यहां के मूल निवासियों की संख्या करीब आठ हजार पहुंच गई थी। इनकी सूची तैयार कर अधिकारियों को सौंपी गई। बाद में सभी को क्वारंटाइन करने की मुहिम शुरू की गई और पांच हजार लोगों को सेंटर्स तक पहुंचाया गया। हालांकि अभी भी हजारों ऐसे लोग हैं जो फरवरी के अंत और मार्च के शुरू में बाहर से आए थे। इनकी पहचान होने पर इन्हें भी क्वारंटाइन सेंटर में पहुंचाया जाएगा। इन्होंने कहा ..

जिले में बाहर से आए लोगों को क्वारंटाइन करने के लिए शहर से लेकर गांवों तक में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। जिसमें फिलहाल पांच हजार से अधिक लोगों को क्वारंटाइन किया जा रहा है। यहां रखे गए सभी की स्वास्थ्य की जांच और खान-पान की बेहतर सुविधा दी गई है।

- रविद्र कुमार, जिलाधिकारी

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस