बुलंदशहर, जेएनएन। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में एनजीटी के आदेशों को दरकिनार व प्रशासन की सख्ती के बाद भी प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों का संचालन बदस्तूर जारी है। जिसका खुलासा एडीएम द्वारा की गई जांच में हुआ। जहां सुबह व रात में फैक्ट्री संचालन की पुष्टि हुई। मौके पर एडीएम ने चार फैक्ट्रियों के बायलर बंद करा दिए। प्रदूषण विभाग की टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

एनसीआर से सटे सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। खुद डीएम रवीन्द्र कुमार ने छापेमारी कर तीन ऐसी फैक्ट्रियों पर सील लगवा दी थी, जो एनजीटी के आदेशों का खुलेआम उल्लघंन रही थी। यही नहीं तीनों फैक्ट्रियों के संचालकों पर रिपोर्ट भी दर्ज हुई है। लेकिन इसके बावजूद विभिन्न तरह का वायु प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों में उत्पादन कार्य चल रहा है। जो रात से सुबह तक संचालित होती है। जिनके चिह्नीकरण के बाद एडीएम मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में एसडीएम, प्रदूषण विभाग की टीम ने पांच फैक्ट्रियों में जांच की। एडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि निष्प्रयोज्य टायर गर्म कर कॉर्बन व पायलाइसेस आयल निकलाने वाली बेव मैक्स पायरो फैक्ट्री दीपावली से बंद पाई गई। थर्माकॉल बनाने वाली जीओ पैक एलएलपी कंपनी में रात व सुबह के समय लकड़ी जलाकर ब्वायलर चलाने, महावीर ट्रांसमिशन कंपनी में एल्यूमिनियम तार बनाने के दौरान बेट स्क्रबर चलता मिला। लक्ष्मी ट्रेडर्स में कपड़े रंगने के लिए लकड़ी जलाकर ब्वायलर चलाने व गद्दा बनाने वाली कोको फॉम में ब्वायलर चलने की पुष्टि हुई। चार फैक्ट्रियों के बायलर बंद कर सील किए गए है। संबंधी फैक्ट्री संचालकों पर कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को नोटिस जारी कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

Posted By: Jagran

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