विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UP के इस जिले में खेली जाती है लोटा मार होली, केवल महिलाओं को होता है पुरुषों पर 'लोटा अटैक' का अधिकार

By Rakesh Gautam Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 03 Mar 2026 01:05 PM (IST)

Bulandshahr News : बुलंदशहर के बीबी नगर क्षेत्र में लोटा मार होली एक अनूठी परंपरा है, जहां महिलाएं पुरुषों पर ...और पढ़ें

बीबी नगर में युवक के साथ लोटा मार होली खेलती महिलाएं। जागरण

बीबी नगर में युवक के साथ लोटा मार होली खेलती महिलाएं। जागरण

HighLights

  1. बुलंदशहर के बीबी नगर में महिलाएं खेलती हैं लोटा मार होली।

  2. प्रेम, सौहार्द का संदेश देती है यह अनूठी होली।

डा. राकेश गौतम, बीबी नगर (बुलंदशहर)। समय के साथ होली ने भी अपना स्वरूप बदल है। रंग, उमंग, उत्साह और सौहार्द का पर्व होली रेडीमेड युग में हाईटेक हो गया है। इस नए चलन में पुरानी रस्म और परंपराएं पीछे छूट रही हैं। लेकिन बीबी नगर क्षेत्र की लोटा मार होली लोक संस्कृति का अस्तित्व बचाए सामाजिक ताने बाने की अमूल्य धरोहर साबित हो रही है।

बदलते सामाजिक परिवेश में पुरानी परंपराएं गुजरे जमाने की बात बनकर दम तोड़ रही हैं। लेकिन बीबी नगर की लोटा मार होली आज भी अपना अस्तित्व कायम रख प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दे रही है

लोटा मार होली के विषय में नगर निवासी बुजुर्ग महिला राजवती बताती हैं कि लोटा मार महिला हुरियारों की टीम का नेतृत्व मुहल्ले की वरिष्ठ महिला करती है। सर्वप्रथम महिलाओं की मंडली उन घरों में पहुंच कर होली खेलती है जहां वर्ष भर में कोई गमी हुई होती है। इसे शोक उठावनी कहा जाता है इसके उपरांत होली गीत गाते हुए मंडली आगे बढ़ती है।

इस दौरान जो पुरुष मिलता है उस पर महिलाओं की टोली रंग डालती है तथा लोटे से पीठ पर थाप मरती हैं। पुराने समय में रंग के लिए ज्यादातर लोटे का प्रयोग होता था इस लिए इसे लोटा मार कहा जाता था। हालांकि अब लोटे के अलावा मग, जग और डब्बे आदि बर्तनों का प्रयोग रंग के लिए किया जाने लगा है।

इस दौरान पुरूष सदस्य बुजुर्ग महिला से और महिलाएं बुजुर्ग पुरुषों से आशीर्वाद लेते हैं। इस प्रकार रिश्तों में आई खटास होली के रंग में धूल जाती है। नीतू सिरोही कहती हैं कि बीबी नगर क्षेत्र की लोटा मार होली कब से मनाई जाती है इसका तो कोई पुष्ट प्रमाण नहीं मिलता लेकिन उनकी सास भी इस परंपरा को सदियों पुरानी बताती थीं।

नीतू कहती हैं कि लोटा मार होली भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है जो एक दूसरे के साथ प्रेम और सौहार्द से मिलजुलकर पर्व मनाने की समृद्ध विरासत भी है।

मोहित गुप्ता लोटा मार होली को सामाजिक व सांस्कृतिक परंपरा की गौरवशाली समृद्ध विरासत बताते हैं। उनका कहना है कि रंगों के इस पर्व पर लोटा मार होली सामाजिक मेलजोल, प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की संस्कार युक्त अनूठी व गौरवशाली परंपरा है।

यह भी पढ़ें- सोने की गुझिया, कीमत सवा लाख रुपये प्रति किलोग्राम

लोटा मार होली के विषय में सुदेश कहती हैं कि सामाजिक तानेबाने को पुष्ट व समृद्ध करती लोटा मार होली की परंपरा को लगातार बनाए रखने का दायित्व युवा पीढ़ी का है ताकि सामाजिक सौहार्द की अमूल्य विरासत जीवंत रह कर सामाजिक सद्भाव का संदेश देती रहे।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।