बुलंदशहर: सिद्ध गंगा घाट पर तेज धार में सड़क बही, साधु की समाधि पर भी संकट मंडराया; कई धार्मिक स्थलों को भी नुकसान
Bulandshahr News: बुलंदशहर के सिद्ध गंगा घाट पर गंगा के तेज कटान से 10 फीट सीसी मार्ग बह गया है, जिससे साधु की समाधि पर भी संकट मंडरा रहा है।

सिद्ध गंगा घाट पर कटान के बाद सीसी मार्ग की स्थिति। जागरण
HighLights
सिद्ध गंगा घाट पर 10 फीट सीसी मार्ग बहा।
लगातार बढ़ते कटान से घाट की तस्वीर बदली।
संवाद सूत्र, अहार (बुलंदशहर)। सिद्ध गंगा घाट पर गंगा का कटान अब महज किनारे के टूटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विरासत को भी निगलने लगा है। सोमवार को कटान की तेज धार दस फीट सीसी मार्ग को अपने साथ बहा ले गई। लगातार बढ़ते कटान ने घाट की तस्वीर बदल दी है और अब बची हुई साधु की समाधि भी गंगा की जद में आ गई है।
सिद्ध गंगा घाट पर कभी श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक गतिविधियों से रौनक रहती थी, लेकिन गंगा की धार ने घाट के बड़े हिस्से को वीरान कर दिया है। कटान की चपेट में आकर कई धार्मिक स्थल, चबूतरे और अन्य निर्माण पहले ही गंगा में समा चुके हैं। अब साधु की समाधि ही घाट की धार्मिक पहचान की आखिरी निशानी के रूप में बची है। गंगा की धार समाधि के बेहद करीब पहुंच चुकी है। कटान की यही रफ्तार रही तो समाधि के अस्तित्व पर भी संकट तय माना जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कटान लगातार सामने आने के बावजूद जिम्मेदार विभाग समय रहते ठोस कदम नहीं उठा सका। निरीक्षण और आश्वासनों के बीच गंगा की धार अपना काम करती रही और जमीन लगातार खिसकती गई। अब हालात ऐसे हैं कि हर दिन घाट का कुछ न कुछ हिस्सा गंगा में समा रहा है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल प्रभावी और स्थायी कटानरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया तो ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाला सिद्ध गंगा घाट पूरी तरह गंगा की भेंट चढ़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से समाधि समेत बचे धार्मिक स्थलों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई की मांग की है।
जलभराव से निजात दिलाने के लिए अभियान शुरू, नालों में कचरा डालने पर लगेगा जुर्माना
गुलावठी: बरसात में जलभराव की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने नालों की सफाई कार्य का विशेष अभियान शुरू कराया है। रविवार सुबह से ही सिकंदराबाद रोड पर लगभग एक किलोमीटर लंबे नाले की सफाई का कार्य जारी है। सेक्टर प्रभारी नितेश कुमार के नेतृत्व में इस अभियान में नगर पालिका के एक दर्जन से अधिक सफाई कर्मचारी लगे हुए है। जो नालों में जमा कचरा, प्लास्टिक और पालीथीन को बाहर निकाल पानी के बहाव को सुचारू कर रहे है।
पालिका सफाई प्रभारी ओमवीर सिंह ने बताया कि नालों की लगातार सफाई की जा रही है। उन्होंने नगर की जनता से भी अपील की है कि वे नालों व नालियों में कचरा, प्लास्टिक या पालीथीन न डालें। पालिका अधिशासी अधिकारी निहारिका चौहान का कहना है कि कू़ड़ा कचरा व प्लास्टिक के कारण सफाई के बावजूद नाले अक्सर अवरूद्ध हो जाते है। कहा कि बरसात के मौसम में बेहतर सफाई व्यवस्था से बीमारियों और मच्छरों के प्रकोप को कम किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई सफाई कर्मचारी नालों में कचरा डालते हुए पाया गया तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
