यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
महाराणा प्रताप सेवा संस्थान की कमेटी का गठन
खुर्जा में महाराणा प्रताप सेवा संस्थान की कमेटी का रविवार को गठन हो गया। साथ ही लोगों ने इस दौरान संगठन के हित में कार्य करने की बात कहीं।

बुलंदशहर, जेएनएन। खुर्जा में महाराणा प्रताप सेवा संस्थान की कमेटी का रविवार को गठन हो गया। साथ ही लोगों ने इस दौरान संगठन के हित में कार्य करने की बात कहीं। जीटी रोड स्थित महाराणा प्रताप सामाजिक विकास संस्थान भवन में रविवार को बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से बिना चुनाव कराए कमेटी का गठन किया गया। महाराणा प्रताप सेवा समिति के नए प्रधान के रूप में विजय सोलंकी को जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय प्रताप सिंह, राजू रावत को महामंत्री, शिवराम सिंह राघव को वरिष्ठ उप मंत्री, शक्ति सिंह पवार को उप मंत्री, सुरेंद्र सिंह राघव को कोषाध्यक्ष, आनंद सिंह तथा एमपी सिंह राणा को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। संस्थान के सदस्यों ने चुने गए पदाधिकारियों का स्वागत किया। साथ ही एकजुट रहकर कार्य करने की अपील की गई। इसमें चुनाव अधिकारी बड़े बाबू भगवान स्वरूप, नरेश, महेश राघव राजीव सोलंकी, राम अवतार सिंह, मानवेंद्र सिंह, संदीप सिंह, राजेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, जयवीर सिंह, मनवीर सिंह आदि रहे।
आर्थिक संकट की भेंट चढ़ सकता है लक्की कार्तिक मेला
अनूपशहर । आर्थिक तंगी के चलते जनपद बुलंदशहर का सबसे बड़ा सैकड़ों वर्ष पुराना कार्तिक मेला संकट में पड़ गया है। मेला की व्यवस्था करने वाली संस्था नगरपालिका आर्थिक रूप से त्रस्त है। कार्तिक मेला आयोजन के लिए अधिकारियों तथा स्थानीय लोगों के साथ हुई बैठक में पालिका अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने नगर पालिका को शासन स्तर से आर्थिक मदद न मिलने के कारण मेला के दौरान धनराशि के अभाव में व्यवस्थाओं से इनकार कर दिया है। जबकि दो वर्ष पूर्व शासन द्वारा अनूपशहर में लगने वाले कार्तिक मेले को राजकीय मेला घोषित कर दिया था। इसके बाद भी सरकार द्वारा मेला व्यवस्था को लेकर आर्थिक लाभ नहीं दिया गया। वर्तमान में नगर पालिका आर्थिक तंगी से जूझ रही है, ऐसी स्थिति में नगर पालिका द्वारा मेला व्यवस्थाओं को लेकर अत्यंत धनराशि खर्च नहीं की जा सकती है। पालिका द्वारा हथियार डाल दिए जाने के बाद कार्तिक मेला के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। यदि प्रदेश सरकार ने समय रहते मेला की व्यवस्थाओं पर ध्यान न दिया तो मेला के दौरान आने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना अत्यंत कठिन होगा। अनूपशहर कार्तिक मेला जनपद बुलंदशहर के सबसे बड़े मेले के रूप में माना जाता है।
