बुलंदशहर, जेएनएन। 2011 में हुई जनगणना के अनुसार जनपद की आबादी करीब 35 लाख है, लेकिन आग से बचाव के साधन नाम मात्र के हैं। यदि नगर की किसी गली में आग लग जाए तो इसके बचाव के लिए मात्र दो छोटे वाहन ही अग्निशमन के पास हैं। खुर्जा और बुलंदशहर स्टेशन पर ये छोटी गाड़ी वर्तमान में वैश्विक महामारी पर काबू पाने के लिए सैनेटाइजेशन में लगी हैं। हैरत की बात यह है कि गंगा किनारे बसे जिले में एक दर्जन से अधिक वन्य क्षेत्रों हैं, लेकिन वन विभाग के पास आग से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधान नहीं हैं। जिले में पांच फायर स्टेशन

जिले में बुलंदशहर, सिकंदराबाद, खुर्जा, डिबाई और अनूपशहर पांच फायर स्टेशन हैं। योगी सरकार ने शिकारपुर, अनूपशहर के गहना गोवर्धनपुर गांव में और स्याना क्षेत्र के बीबीनगर में फायर स्टेशन के निर्माण की घोषणा की थी। इन तीनों फायर स्टेशनों पर निर्माण कार्य जारी है। हाइड्रेंट प्वाइंट गायब, नलकूप में लगेगी कपलिग

फायर स्टेशन, जल और नगर पालिकाओं के नलकूपों पर पाइप के द्वारा सड़कों के नीचे फ्चैंच बनाए गए हैं। आपातकाल में इन फ्लैंच पर पानी लेने के लिए 54 हाइड्रेंट प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन निर्माण के दौरान इन हाइड्रेंट प्वाइंट को सड़कों में ही दबा दिया गया है। अब पालिका के हैंडपंप पर ही अग्निशमन दल के कम्पलिग लगाए गए हैं।

संशाधन और स्टॉफ का अभाव

फायर स्टेशनों पर मात्र पांच पानी के टैंकर वाले बड़े वाहन और एक छोटी गाड़ी संकीर्ण गलियों में जाने के लिए है। इतना ही नहीं जिले में दमकलकर्मियों के 193 पद हैं, लेकिन मात्र 75 पदों पर कर्मी तैनात हैं। 118 पद अभी भी खाली हैं। तीन वर्षो में हुई छह करोड़ की क्षति

जिले में 2017-18 में 621 अग्निकांड हुए और इनमें 28 करोड़ 34 लाख रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। जबकि 2018-19 में 777 अग्निकांड मे करीब छह करोड़ रुपये की संपति नष्ट हुई। 2019-20 में लॉकडाउन से पूर्व 131 अग्निकांड हुए और एक व्यक्ति की जलकर मौत हुई है। इन्होंने कहा..

सड़कों पर अतिक्रमण न करें ताकि आपातकालीन स्थिति में गाड़ियों को जाम अथवा अन्य समस्या का सामना न करना पड़े। दमकल विभाग हर विपदा से लड़ने को तैयार है।

- जेपी सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।

Posted By: Jagran

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