सिकंदराबाद: ब्लाक क्षेत्र के गांव पिलखनवाली में विकास कार्य में अनियमितताओं की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर पहुंची जांच टीम के सामने प्रधान पक्ष व शिकायतकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा हुआ। एक पक्ष द्वारा की गई मारपीट को लेकर विवाद बढ़ने की आशंका पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले का शांत कराया। बाद में पुलिस मौजूदगी में टीम ने प्रधान पर लगे आरोपों व कराए गए कार्यो का भौतिक सत्यापन किया।

गांव पिलखनवाली कुछ ग्रामीणों ने डीएम से ग्राम प्रधान की शिकायत की थी कि गांव में विकास कार्य में अनियमितताएं बरतने की शिकायतें की गई थी। आरोप लगाया था कि कई कार्यो को केवल कागजों पर ही दिखाया गया है, लेकिन उनमें धांधली बरती गई और दर्शाए गए कार्य धरातल पर हुए ही नहीं हैं। डीएम ने मामले की जांच सहायक निदेशक बचत ऋषि कुमार अग्रवाल को सौंपी थी। मंगलवार को सहायक निदेशक बचत, पीडब्ल्यूडी के एई, सेक्रेटरी के साथ गांव पहुंचे और पंचायत घर पर एकत्र ग्रामीणों से समक्ष भौतिक सत्यापन शुरू किया। एक कार्य की पूछताछ के दौरान शिकायतकर्ताओं द्वारा कार्य न होने पर प्रधान पक्ष ने विरोध कर दिया। इसको लेकर हंगामा शुरू कर हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। हंगामे को देख जांच टीम प्रभारी ने विवाद बढ़ने पर कोतवाली पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस बल ने दोनों पक्षों का शांत किया। जांच में सहयोग की अपील की। जांच अधिकारी ने प्रधान द्वारा दर्शाए गए कार्य का मौके पर जाकर का भौतिक सत्यापन किया। जांच अधिकारी ऋषि कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिन कामों को मौके पर जाकर देखा गया। उन्होंने कहा कि जिन ¨बदुओं पर उन्होंने जांच दी गई, उसकी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। ग्राम प्रधान हरेन्द्र यादव ने लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। ग्रामीण महेश पुत्र नन्ने सैनी ने आरोप लगाया कि प्रधान पक्ष के लोगों ने उनके साथ हाथापाई की। जिसमें उनके कपड़े भी फट गए। प्रधान द्वारा कार्यों में अनियमितता की गई है।

Posted By: Jagran