मंदिर के युवा पुजारी की रेबीज से मौत, कुत्ता काटने के बाद नहीं लगवाई थी ARV
Bulandshahr News : बुलंदशहर के छतारी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के 24 वर्षीय पुजारी ओम शर्मा की रेबीज से मौत हो ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
दो माह पहले आवारा कुत्ते ने पुजारी को काटा था।
रेबीज के लक्षण दिखने पर इलाज विफल रहा।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। आवारा कुत्ते के काटने के बाद एआरवी न लगवाने की लापरवाही छतारी के राधा-कृष्ण मंदिर की जान पर भारी पड़ी। पुजारी को दो माह पहले मंदिर के पास ही आवारा कुत्ते ने काटा था। रेबीज के लक्षण आने के बाद स्वजन पुजारी को लेकर बुलंदशहर से दिल्ली तक के अस्पतालों में दौड़े, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। डेढ़ साल पहले ही वह छतारी में नए बने मंदिर पर पुरोहित बने थे।
बुलंदशहर के डीएम रोड आवास-विकास निवासी दिनेश चंद शर्मा के बेटे 24 वर्षीय ओम शर्मा छतारी कस्बा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पर पुरोहित थे। लगभग दो माह पहले मंदिर के पास ही उनको आवारा कुत्ते ने पैर में काट लिया। पुजारी को कुत्ते ने हल्के दांत गाड़े थे। कुत्ते के काटने के बाद मामले को हल्के में लिया और एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीन) नहीं लगवाई। इसी माह 16 मार्च को उनको थोड़ी दिक्कत महसूस हुई। वह स्थानीय चिकित्सक को दिखाकर मंदिर चले आए।
इसके बाद दिक्कत बढ़ती गई। पिछले सप्ताह शुक्रवार को शहर के कई नर्सिंगहोम में घूमे। चिकित्सकों ने रेबीज के लक्षण बताए। इसके बाद शनिवार को कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। यहां ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल आफिसर) ने भी रेबीज के लक्षण की पुष्टि की। ओम शर्मा को दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली में सफदरगंज हास्पिटल, गुरु तेग बहादुर हास्पिटल और लोकनायक हास्पिटल पहुंचे।
इसके बाद दिल्ली के महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग अस्पताल पहुंचे। यहां पर भी रेबीज की पुष्टि करने के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताई। तभी पता चला कि दानपुर क्षेत्र में कोई कुत्ते काटे मरीजों की झाड़फूंक करता है। इसलिए स्वजन रविवार की शाम दिल्ली से पुजारी को लेकर दानपुर के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
उधर, डाक्टरों का कहना है कि झाड़फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। कुत्ते या बंदर के काटने पर एआरवी जरूर लगवानी चाहिए।
पानी से डरने लगे थे पुजारी
ओम शर्मा के बड़े भाई अनैत शर्मा ने बताया कि वह अजीब हरकत कर रहे थे। पानी से डर रहे थे। पानी जबरन पिलाने पर बाहर निकाल रहे थे और खाना भी छोड़ दिया। रविवार को उनकी पल्स 56 पर आ गई और बीपी नहीं आ रहा था। जवान मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
इन्होंने कहा...
कुत्ते या बंदर के काटने पर एआरवी लगवाने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। लापरवाही हमेशा जान पर भारी पड़ती है। पुजारी की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है। चिकित्सक भेजकर पता कराएंगे और परिवार के अन्य सदस्यों का वैक्सीनेशन कराएंगे।
-डा. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
