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सेहत को खतरे में डाल रहा बदलता मौसम; पेट दर्द, खांसी संग बुखार से लोग परेशान, बचाव के लिए यह रखें ध्यान

By Jagmohan Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 09 Mar 2026 05:58 PM (IST)

Bulandshahr News : बुलंदशहर में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी से स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. मौसम में बदलाव से बीमार हो रहे लोग।

  2. डॉक्टरों की सलाह पर ध्यान देना है जरूरी।

जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। मार्च के दूसरे सप्ताह में दिन में 33 डिग्री सेल्सियस और रात में 19 डिग्री सेल्सियस तापमान चल रहा है। मौसम का यह मिजाज स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहा है। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को हर तीसरा मरीज बुखार के साथ पेट दर्द, खांसी और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंचा। चिकित्सक दवा के साथ खानपान में बदलाव की सलाह दे रहे हैं।

बढ़ते तापमान का स्वास्थ्य पर असर

मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के एमडी मेडिसिन डा. रजत ने बताया कि मौसम में अचानक इतनी गर्मी होने का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ओपीडी में आने वाले हर तीसरे मरीज में मौसम जनित बीमारियों से दिक्कत में है। ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ लगी रही। हर तीसरा मरीज बुखार, लगातार खांसी, पेट में मरोड़ और थकान के साथ सिर दर्द की शिकायत लेकर पहुंचा।

रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी

मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। वायरल बुखार के साथ पेट से जुड़ी दिक्कतें भी देखने को मिल रही हैं। ज्यादातर मामलों में यह वायरल संक्रमण है, जो दवा और आराम से कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा बना रहे या पेट दर्द और खांसी बढ़ जाए तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

अस्पताल में मरीजों की भीड़

जिला अस्पताल के सीएमएस डा. प्रदीप राणा ने बताया कि रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी में भीड़ उमड़ी। 1695 नए पर्चे बने और लगभग 350 पुराने मरीज पहुंचे हैं। मरीजों को दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

खानपान में बदलाव की सलाह

जिला अस्पताल की डायटीशियन डा. यशी वर्मा का कहना है कि मार्च का महीने भले ही हो लेकिन अप्रैल और मई जैसी गर्मी पड़ रही है। इसलिए लोगों को खानपान बदलने की जरूरत है। अब नींबू पानी, नारियल पानी, दही व छाछ, खीरा के साथ खरबूज, ककड़ी, संतरा और लीची का सेवन करना चाहिए। शरीर को ठंडा रखने के लिए हल्का व कम मसालेदार और ताजा खाना खाएं। पुदीना, प्याज, और सलाद (लेट्यूस) को डाइट में शामिल करें। पालक, केल, और लौकी जैसी आसानी से पचने वाली सब्जियां खाएं। सुबह के नाश्ते में दलिया, भीगी हुई किशमिश, पोहा या इडली-सांभर जैसे हल्के विकल्प चुनें।

इन लक्षणों पर दें ध्यान

  • हल्का या तेज बुखार
  • खांसी या गले में खराश
  • पेट दर्द या मरोड़, उल्टी
  • शरीर में कमजोरी और थकान

इन बातों पर करें अमल

  • बासी या खुला खाना न खाएं
  • साफ व उबला हुआ पानी पिएं
  • स्वच्छता का ध्यान रखें
  • मौसम के अनुसार कपड़े पहनें

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