डिजिटल अरेस्ट कर ग्रामीण से 76.24 लाख रुपये ठगे, अवैध सिम जारी होने के नाम पर डराया
Bulandshahr News : बुलंदशहर में तेजवीर सिंह नामक व्यक्ति को डिजीटल अरेस्ट कर 76.24 लाख रुपये की साइबर ठगी की ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर सिग्नल ऐप डाउनलोड कराया।
बुलंदशहर में पीड़ित ने साइबर थाने पर दर्ज कराया मुकदमा।
जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। साइबर ठग नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। अब साइबर ठगों ने औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव औरंग मोहसाना निवासी तेजवीर सिंह को एयरटेल के फर्जी सिम के नाम पर डराकर 76.24 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
औरंगपुर मोहसाना निवासी तेजवीर सिंह पुत्र होशियार सिंह ने बताया कि 12 मार्च 2026 को एक फोन काल आई। काल करने वाले ने स्वयं को एयरटेल का प्रतिनिधि बताया और कहा कि तेजवीर के नाम पर 27 जनवरी को एक अवैध सिम जारी हुई है। इसके कारण उनका वर्तमान फोन नंबर अगले दो घंटे में बंद किया जाएगा।
तेजवीर ने ऐसी किसी भी सिम की जानकारी होने से इनकार किया, तो साइबर ठगों ने उन्हें मदद का झांसा दिया और फोन मुंबई साइबर क्राइम को ट्रांसफर करने की बात कही। वहां स्वयं को विजय खन्ना बताने वाले एक व्यक्ति ने मानसिक दबाव बनाया। ठगों ने कहा कि तेजवीर का नाम 585 करोड़ रुपये के लोन फ्राड में आया है।
सिग्नल ऐप डाउनलोड कराया
डराकर ठगों ने उनको सिग्नल ऐप डाउनलोड कराया और हर दो घंटे में हाजिरी लगाने का आदेश दिया। घंटों तक तेजवीर डिजिटल अरेस्ट रहा। ठगों ने जांच के नाम पर तेजवीर को डराया कि बैंक खाते का जमा उनका पैसा सरकारी वेरिफिकेशन के लिए कुछ खातों में ट्रांसफर करना होगा, नहीं किया, तो जेल जाना पड़ेगा।
खातों में 76.24 लाख रुपये कराए ट्रांसफर
इसके बाद डरकर तेजवीर ने अपने एसबीआइ बुलंदशहर स्थित खाते से 24 मार्च 2026 को 55 लाख 12 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 30 मार्च 2026 को 21 लाख 12 हजार रुपये फिर से ट्रांसफर किए। कुल 76.24 लाख रुपये की ठगी हुई। इसी माह चार अप्रैल को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। सीओ प्रखर पांडेय ने बताया कि साबर थाना पुलिस ने विजय खन्ना, मुकेश कुमार और अन्य अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
