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महाभारत काल के पौराणिक स्थल बनेंगे भव्य कॉरिडोर, बुलंदशहर में पर्यटन विभाग ने शुरू किया सर्वे

Published: Mon, 21 Sep 2026 09:51 AM (IST)Updated: Mon, 21 Sep 2026 09:55 AM (IST)

बुलंदशहर में महाभारतकालीन पौराणिक एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को कॉरिडोर बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. पर्यटन विभाग ने बुलंदशहर में धार्मिक स्थलों का सर्वे शुरू किया।

  2. महाभारतकालीन स्थलों को कॉरिडोर बनाने की वृहद योजना।

  3. गंगा तटीय 70 किलोमीटर क्षेत्र में तीन टीमें कर रहीं सर्वे।

जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। जिले की स्याना, अनूपशहर और डिबाई तहसील तहसील में गंगा तटीय महाभारतकालीन पौराणिक एवं एतिहासिक धार्मिक स्थलों की श्रृंखला को कॉरिडोर बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने सर्वे करना शुरू कर दिया है। पर्यटन विभाग की तीन टीम सर्वे कार्य में जुटी हैं। सर्वे प्रक्रिया पूरी होने के बाद एस्टीमेट तैयार होगा। एस्टीमेट पर मुहर लगने के बाद धार्मिक स्थलों की श्रृंखला का कॉरिडोर बनेगा।

जिले की स्याना, अनूपशहर और डिबाई तहसील के गंगा तटीय महाभारतकालीन पौराणिक एवं एतिहासिक धार्मिक स्थलों की श्रंखला को कॉरिडोर बनाने के लिए दैनिक जागरण ने साल 2023 में अभियान शुरू किया था। दैनिक जागरण के अभियान से अब तक श्रृंखला में 100 करोड़ रुपये सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण व 20 करोड़ रुपये धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर खर्च किए जा चुके हैं।

पर्यटन विभाग की तीन टीमों ने शुरू किया सर्वे

अभियान के बाद ही पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रृंखला को कॉरिडोर बनाने को पर्यटन विभाग को वृहद कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश थे। पर्यटन विभाग की तीन टीमों जिले में गंगा नदी के 70 किलोमीटर के क्षेत्र में शनिवार से सर्वे कर दिया है।

पर्यटन विभाग की एक टीम ने मांडव ऋषि आश्रम पर पहुंच कर लोगों से संवाद कर जानकारी ली। एक टीम ने बसी बांगर में भी गंगा घाट का सर्वे किया। तीसरी टीम ने कर्णवास स्थित महर्षि दयानंद स्मारक स्थल पहुंच कर सर्वे किया। तीनों टीम लोगों से संवाद कर धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बढ़ोतरी, धार्मिक स्थलों के बारे में लोगों से जानकारी एकत्र करने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

सर्वे पूरा होने के बाद पर्यटन विभाग वृहद कार्ययोजना तैयार करेगा। इसको स्वीकृति मिलने के बाद कॉरिडोर के कार्ययोजना को हरी झंडी मिलेगी। कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। अब श्रृंखला पर्यटन के विश्व पटल पर चमकने के लिए कदम आगे बढ़ा चुकी है।

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