यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
औद्योगिक क्षेत्र के गांवों के मुख्य मार्ग बदहाल, जलभराव व गड्ढ़े
जेएननए बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र से लाखों का राजस्व जुटाने वाले यूपीएसआईडीसी की अनदेखी का दर्जन भर गांव दंश झेल रहे ...और पढ़ें

जेएननए, बुलंदशहर: औद्योगिक क्षेत्र से लाखों का राजस्व जुटाने वाले यूपीएसआईडीसी की अनदेखी का दर्जन भर गांव दंश झेल रहे है। गावो को जाने मुख्य मार्ग पूरी तरह बदहाल पड़े है। रास्तों से जगह जगह सड़क गायब हो चुकी है, मार्गो पर या तो जलभराव या फिर गहरे गड्ढे है। आवागमन करना किसी मुसीबत से कम नही है। लेकिन सड़कों की कोई सुध नहीं लिए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत एक दर्जन से अधिक गांव आते हैं। गांवों के साथ मुख्य मार्ग पर औद्योगिक इकाइयां लगी हुई हैं। चार नंबर रोड से शेरपुर, अंधेल, तिलबेगमपुर, तिल डेरी व दनकौर-घघोला के अलावा सांवली, हृदयपुर, सरकारी कालोनी, गोपालपुर, जोखाबाद, राजरामपुर समेत कई गांवों के मुख्य मार्ग गुजरते है। जिनके रखरखाव की जिम्मेदारी यूपीएसआईडीसी की है। हालत यह है कि अनदेखी के कारण गावों के मुख्य मार्ग पूरी तरह बदहाल हो चुके हैं। चार नंबर रोड पर जहां जगह जगह सड़कों पर दो दो फूट गहरे गड्ढे ही गड्ढे हैं। वहीं नालों का गंदा पानी भी सड़कों पर भरा पड़ा है। हृदयपुर व सरकारी कालोनी से गोपालपुर, धनपुरा जाने के रास्ते पर तो गड्ढे में ही सड़क है। ये हाल तब है कि जब इन मार्ग से फैक्ट्रियों में कच्चा व तैयार माल लाने ले जाने हर रोज सैंकड़ों वाहन गुजरते हैं। जो कई मर्तबा गड्ढों में फंसने से फैक्ट्री प्रशासन को परेशानी उठानी पड्ती है। रहे। जबकि ग्रामीणों का वाहन तो दूर पैदल निकलना भी हादसे से भरा हुआ है। लगातार मांग के बावजूद यूपीएसआईडीसी सुध नहीं ले रहा। ग्रामीणों ने बताया कि सड़के वर्षो से बदहाल है। हर बार सड़क व नाले आदि के लिए लाखों का बजट जारी होता है। लेकिन कुछ ही स्थानों पर केवल मरम्मत होती है। सड़क का कभी पूरा निर्माण नहीं होता।
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सड़कों का निर्माण शुरू हो गया है। काजारिया टाइल्स व अपोलो फैक्ट्री जाने वाले रास्ते पर सड़के फिर बन रही है। औद्योगिक क्षेत्र से गांवों को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क की मरम्मत भी इसी माह पूरी हो जाएगी।
--बिमला सोलंकी, विधायक, सिकंदराबाद।
