बुलंदशहर, जेएनएन। टोक्यो ओलिंपिक में पुरुषों की रोइंग डबल्स स्कल्स स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व कर रही अरविद और अर्जुन की जोड़ी ने सेमीफाइनल में छठे स्थान हासिल कर फाइनल बी में जगह बनाई। अब यह जोड़ी व‌र्ल्ड रोइंग रैंकिग के लिए गुरुवार सुबह प्रतिभाग करेंगी।

खुर्जा के गांव खबरा निवासी अरविद ने साथी अर्जुन लाल के साथ हीट में पांचवां स्थान हासिल कर रेपचेज के लिए क्वालीफाई किया था। रेपचेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए अरविद की जोड़ी ने तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। बुधवार सुबह हुए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत समेत छह देशों ने प्रतिभाग किया। जहां भारतीय जोड़ी ने 6:24.41 मिनट के समय के साथ फाइनल लाइन क्रास की और छठा स्थान हासिल किया। गांव के लोगों का कहना है कि अरविद काफी अच्छा खेले। पहली बार भारतीय जोड़ी फाइनल बी तक पहुंची है। जिस पर गांव समेत क्षेत्र के लोगों को गर्व है। उम्मीद है कि फाइनल बी में अरविद अच्छी रैंकिग प्राप्त करेंगे। गांव खबरा में सुबह सेमीफाइनल का मुकाबला देखने के लिए अरविद के पिता विजय सिंह, दादी राजवती, ताऊ मान सिंह, तहेरे भाई कालीचरण मोबाइल पर चिपक गए थे और उन्होंने पूरा मुकाबला देखा। सेमीफाइनल में किया अच्छा प्रदर्शन

सेमीफाइनल में अरविद और अर्जुन का प्रदर्शन काफी अच्छा देखने को मिला। 24 जुलाई को प्रतियोगिता में हुई हीट में उन्होंने 6:40.22 मिनट का समय लिया था। वहीं 25 जुलाई को हुए रेपचेज में 6:51.36 मिनट का समय लिया। सेमीफाइनल में 6:24.41 मिनट का समय लिया।

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क्या है फाइनल बी

रोइंग में सेमीफाइनल में पहले पांच स्थान पर रहने वाली जोड़ी को पदक के लिए खेलने को मौका मिलता है, जिसे फाइनल ए कहा जाता है। इसके बाद सेमीफाइनल में छठे स्थान से 12वें स्थान पर रहने वाली जोड़ियों को रैंकिंग के लिए खेलने का मौका मिलता है। इसे फाइनल बी कहा जाता है। सेमीफाइनल में 13वें से लेकर अंतिम स्थान हासिल करने वाली जोड़ियों को भी रैंकिंग के लिए फाइनल खेलने का मौका मिलता है। इसे फाइनल सी कहा जाता है।

----------- इन्होंने कहा..

अरविद और अर्जुन लाल की जोड़ी ने भारत की रोइंग के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सेमीफाइनल के प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। क्योंकि उन्होंने अपना बेस्ट दिया है। भले ही वह छठे नंबर पर आए हैं लेकिन फाइनल-बी में जगह बनाना भी बहुत बड़ी बात है। पिछले इतिहास में किसी जोड़ी ने ऐसा मुकाम हासिल नहीं किया है।

--शांति स्वरूप, अंतर्राष्ट्रीय कैनोइंग खिलाड़ी।

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बेस्ट देने की पूरी कोशिश की लेकिन उसके बाद भी सेमीफाइनल में छठे स्थान पर रहे। आगे और भी अधिक मेहनत करके बेस्ट देने की कोशिश रहेगी।

--अरविद सिंह, खिलाड़ी।

Edited By: Jagran