बुलंदशहर, जेएनएन। शहर के एक होटल में आयोजित आयुर्वेद की राष्ट्रीय सेमिनार में राजस्थान के जोधपुर से आए आयुष के नामचीन चिकित्सक डा. डीके शाह ने कहा कि पैसा कमाने की अंधी चाह में इंसान मशीन की तरह चल रहा है, जब मन आया और जो मिला खा लिया। जब समय मिला तब सो लिया। व्यायाम और टहलने की आदत छोड़ दी है। खानपान और दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ गई है। इसी के चलते शरीर रोगी हो रहा है और आयु घट रही है।

सेमीनार के संयोजक वैद्य हितेश कौशिक समेत स्थानीय आयुर्वेद चिकित्सकों ने बाहर से आए चिकित्सकों का स्वागत किया। महाराष्ट्र के नागपुर से आए डा. जेपी उपाध्याय ने कहा कि प्राचीन काल में भी ऋषि मुनि ब्रह्मा मुहूर्त में ही व्यायाम करते थे, लेकिन अब लोग सूर्य निकलने के बाद भी सोते हैं। बिहार के मधुबनी से पहुंचे मंतोष कुमार झा ने कहा कि हमारा खानपान और दिनचर्या बिगड़ने पर ही हम बीमार हो रहे है। मध्यप्रदेश के उज्जैन के डा. एसएन पांडे ने कहा कि खानपान और दिनचर्या बदलने से पहले हमे सोच बदलनी होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा. वेदप्रकाश त्यागी ने कहा कि लोगों को आयुर्वेद के प्रति जागरुक करना होगा। औषधीय पौधे लगाने का लिया संकल्प

राष्ट्रीय सेमीनार में संकल्प लिया गया, कि सभी आयुर्वेद चिकित्सक अपने-अपने घर पर औषधीय पौधे लगाएं और अपने आसपास रहने वालों को भी इनके फायदे बताकर लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। सरकार भी देगी जोर

दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि पौधारोपण पर सरकार का पूरा जोर है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे कि औषधीय पौधों के लिए कोई योजना लाकर इनको बढ़ावा दिया जाए, ताकि लोग घर बैठे ही उपचार ले सकें। ये रहे मौजूद

डा. अनुज जैन, वैद्य ताराचंद शर्मा, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. गीता शर्मा, डा. अशोक शर्मा, वैद्य गोपाल दत्त शर्मा, डा. श्रीकांत गौड़, शादाब रिजवी और शाह फैसल आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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