बुलंदशहर, टीम जागरण।

करीब 23 माह पूर्व जहांगीराबाद क्षेत्र के एक गांव में चार वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देकर आरोपित फरार हो गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को खोज निकाला और जेल भेज दिया। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम के अंतर्गत अभियुक्त को 20 वर्ष का कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

विशेष लोक अभियोजक भरत कुमार शर्मा व महेश कुमार सिंह राघव ने बताया कि जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 26 फरवरी 2020 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उसने बताया था कि उसकी चार वर्षीय पुत्री पड़ोस में गई थी। जब वह पड़ोसी के घर पहुंची तो देखा कि पड़ोस में रहने वाला युवक कन्हैया उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म कर रहा था। बच्ची की मां के शोर मचाने पर आरोपित मौके से उसे हत्या की धमकी देकर भाग निकला। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर आरोपित युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही उसके खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिस पर न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन किया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में वादिया, पीड़िता, डा. सुधा शर्मा, उपनिरीक्षक विवेचक बच्चू सिंह, कांस्टेबल वरुण देव मलिक की गवाही पेश की गई। जिसके आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम डा. पल्लवी ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए 20 वर्ष का सजा और 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

Edited By: Jagran