बिजनौर, जेएनएन। राष्ट्र भाषा हिदी हमारा गौरव है। हिदी हमारे लिए मात्र एक भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी आस्था, विश्वास, संस्कृति, सभ्यता सब कुछ है। हमारी मर्यादा, परंपरा, आत्मसम्मान और स्वाभिमान की प्रतीक है। हमारे जीवन मूल्यों का आधार है। हमारी राष्ट्रीय भक्ति भावना का स्त्रोत है।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज झालू की प्रवक्ता चारू कहती हैं कि हृदय में उस समय टीस सी उठती है, जब हमारे महान राष्ट्र का कोई विद्यार्थी या नागरिक यह कहता है कि मुझे हिदी नहीं आती या मेरी हिदी कमजोर है। चारू कहती हैं कि ऐसी कौन सी विवशता है, जो हमें मानवीय मूल्यों से दूर ले जा रही है। चारू कहती हैं कि हिदी को उच्च आयाम दिलाने के लिए हमें जागरुक होना पड़ेगा। आज भले ही हिदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। अखंड भारत निर्माण, भारत अस्मिता की रक्षा के लिए हमें अपने स्वयं को पहचानकर अपनी मातृभाषा का सम्मान करना होगा। इसके लिए राष्ट्र भाषा के प्रति समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं व अन्य क्षेत्रों में कार्यरत समाज के लोगों का उत्साहवर्धन करना होगा। चारू कहती हैं कि अपनी राष्ट्र भाषा का प्रयोग करने में हमें हीनता का नहीं, बल्कि गौरव का अनुभव करना चाहिए। राष्ट्र भाषा हिदी के प्रचार-प्रसार के माध्यम से विश्व को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देना ही हमारा संकल्प होना चाहिए।

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