बिजनौर: विकसित भारत 'जी राम जी' योजना के तहत पहली बार श्रमिकों के खाते में जाएंगे 150 करोड़ रुपये
बिजनौर में महात्मा गांधी नरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत 'जी राम जी' योजना कर दिया गया है। इसके तहत ...और पढ़ें

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HighLights
बिजनौर में श्रमिकों के लिए 50 लाख मानव दिवस सृजित होंगे।
श्रमिकों के खातों में 150 करोड़ रुपये सीधे जमा किए जाएंगे।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। महात्मा गांधी नरेगा का नाम बदलकर शुरू की गई विकसित भारत जी राम जी योजना श्रमिकों की किस्मत भी बदलने जा रही है। योजना के अंतर्गत जिले में 50 लाख मानव दिवस सृजित होंगे।
300 रुपये प्रति मानव दिवस के हिसाब से श्रमिकों के खातों में लगभग 150 करोड़ रुपये जाएंगे। जिले में आज तक इतनी बड़ी संख्या में श्रमिकों के लिए कार्य दिवस और बजट स्वीकृत नहीं किया गया है।
श्रमिकों को गांवों में रोजगार देने के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजना संचालित थी। इसी वर्ष एक जुलाई को योजना का नाम बदलकर विकसित भारत जी राम जी कर दिया गया है। नरेगा के अंतर्गत पहले एक मानव दिवस के बदले श्रमिक को 242 रुपये दिए जाते थे जिसे अब बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है। साथ ही मानव योजना में 100 दिन की गारंटी को भी बढ़ाकर 125 कर दिया गया है।
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पहले जी राम जी योजना में मस्टर रोल आदि न भरे जाने में समसया आई लेकिन अब एक दो गांवों को छोड़कर बाकी गांवों में श्रमिकों को काम दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत श्रमिकों के लिए 50 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य दिया गया था जिसे शासन ने अब स्वीकृत कर लिया है। यानि श्रमिकों के खातों में मानव दिवस के एवज में 150 करोड़ रुपये जाएंगे।
विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत श्रमिकों को लगातार काम दिया जा रहा है। शासन ने इस वर्ष 50 लाख मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य दिया है। इसके अंतर्गत ही काम दिया जाएगा।
-आरबी यादव, उपायुक्त, विकसित भारत जी राम जी योजना।
