बिजनौर,जेएनएन। कोरोना संक्रमण पर विजय दशमी पर्व भारी पड़ा। रामलीला मंचन के दौरान समिति द्वारा की गई सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई। रविवार को बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे। लोगों ने विभिन्न प्रकार के सामाने के स्टाल भी लगाए। जिन पर लोगों ने जमकर खरीददारी की।

कोरोना संक्रमण का प्रसार न हो सके, इसके लिए शासन ने रामलीला मंचन की छूट दी थी। रामलीला मंचन के दौरान मात्र दो सौ दर्शकों के साथ विभिन्न निर्देश भी दिए गये थे। निर्देशों का पालन करते हुए ने मुख्य द्वार के अतिरिक्त अन्य सभी गेट बंद कर दिए थे। इस गेट पर सैनिटाजर टर्नल भी लगाया गया था। रात्रि कालीन रामलीला मंचन के दौरान दर्शकों के बैठने के लिए मात्र 200 कुर्सी ही लगाई गई थी। जबकि दिन के समय होने वाली रामलीला का मंचन नहीं कराया गया। 17 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक सब कुछ ठीक चलता रहा। लेकिन विजय दशमी के दिन समिति द्वारा की गई सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई। रावण देखने लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंच गये। इसके लिए समिति के पदाधिकारी तैयार नहीं थे। भले ही रामलीला मैदान में मेला लगाने पर प्रतिबंध है, फिर भी कुछ लोगों ने चाट, खिलौने, फल एवं मिट्टी के बर्तनों के स्टाल लगे हुए थे। लोगों ने जमकर खरीददारी भी की।

कोरोना है तो क्या, रावण दहन तो देखना ही था

रावण दहन देखने आये दर्शक रामसिंह, राकेश कुमार, संजीव कुमार, गोविद आदि काकहना कि निश्चित रूप से कोरोना काल चल रहा है। लेकिन अब कोरोना समाप्ति की ओर है। वैसे भी दशहरा साल भर में क बार आता है। बच्चों की जिद के कारण मेला देखने आये है। उम्मीद है कि अब भगवान राम की कृपा से अब कोरोना संक्रमण समाप्त होगा।

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