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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP Flood: तीन मजदूर गंगा में गिरे, ऐसे बची जान, बिजनौर में तटबंध पर कटान रोकने को नाव के सहारे लगा रहे बल्लियां

Published: Wed, 10 Sep 2025 03:54 PM (IST)

Bijnor News बिजनौर के रावली बैराज तटबंध पर गंगा का कटान कुछ कम हुआ है। कटान रोकने के लिए नाव ...और पढ़ें

बिजनौर में तटबंध पर कटान रोकने को नाव के सहारे लगा रहे बल्लियां
बिजनौर में तटबंध पर कटान रोकने को नाव के सहारे लगा रहे बल्लियां

HighLights

  1. कटान रोकने को को लेकर प्रशासन सतर्क
  2. तटबंध के पास लोगों के जाने पर भी पूरी तरह रोक
  3. रूका है बैराज के पुल से बड़े वाहनों का आवागमन

 जागरण संवाददाता, बिजनौर। रावली बैराज तटबंध पर गंगा का कटान थोड़ा कम हुआ है। गंगा के कटान को रोकने के लिए अब नाव के सहारे तटबंध की ओर बल्लियां लगाई जा रही हैं। धारा में डालने के लिए सीमेंट के ब्लाक भी मंगवाए गए हैं। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए बैराज के पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन अभी शुरू नहीं किया है। तटबंध के पास लोगों के जाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

मिट्टी रखते समय तीन मजदूर गंगा की धारा में गिरे

तटबंध की ओर गंगा का कटान तीन दिन में सबसे कम है। हालांकि अभी भी गंगा की धारा कई जगह पर तटबंध की मिट्टी की ढ़ांग को काटकर गिरा रही है। तटबंध के दूसरी ओर से मिट्टी उठाकर उस पर रखी जा रही है। एक पोकलेन द्वारा मिट्टी रखते समय वहां खड़े तीन मजदूर अनियंत्रित होकर गंगा की धारा में जा गिरे। हालांकि वहां पहले से ही एनडीएफआफ व एसडीआरएफ की टीम नाव लेकर तैनात थी। तीनों मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। गंगा की धारा में तटबंध के पास बल्ली गाड़ने का काम तेज किया गया है। इसके लिए एनडीआरएफ की नावों का प्रयोग किया जा रहा है।

कटान रोकने के लिए सीमेंट के ब्लाक मंगवाए

कटान को रोकने के लिए सीमेंट के ब्लाक भी मंगवाए गए हैं। ये धारा की ओर तटबंध के पास डाले जाएंगे। तटबंध की सुरक्षा के लिए लोग श्रमदान करने के लिए आ रहे हैं। मंगलमवार को बंगाली समाज के लोगों ने तटबंध की मरम्मत के काम में लगे श्रमिकों के लिए खाना बनवाने की मांग की थी। प्रशासन ने आज गांव ब्रह्मपुरी स्थित गुरुद्वारे में खाना बनवाया है।

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आसपास के गांवों के लोग भी श्रमिकों के लिए फल-पानी आदि लेकर आ रहे हैं। क्षतिग्रस्त तटबंध के पीछे की ओर मिट्टी लगाकर उसे मजबूत करने का काम भी किया जा रहा है।

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तटबंध के थोड़ा मजबूत होने से आसपास के गांवों के लोगों ने भी चैन की सांस ली है। तटबंध के टूटने की आशंका अब कम होती जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ब्रजेश मौर्य ने कहा कि तटबंध पर कटान को रोकने के लिए बहुत तेजी से काम किया जा रहा है। स्टड बनाने को बल्ली गाड़ने का काम तेजी से किया जा रहा है। स्थानीय लोग भी मदद करने के लिए आ रहे हैं।