प्रबल हत्याकांड: उप्र महिला आयोग की सदस्य के पति व पुत्र सहित आठ आरोपितों की जमानत मंजूर
Prabal murder case: प्रबल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
2012 में हुई थी प्रबल अग्रवाल की पीट-पीटकर हत्या।
आरोपितों ने शव को कार से गंगा में फेंक दिया था।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। शहर के मुहल्ला जाटान निवासी आलोक अग्रवाल के बेटे प्रबल अग्रवाल 19 दिसंबर 2012 की रात आठ बजे शहनाई मंडप अग्रसेन जयंती कार्यक्रम में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। शव को गंगा में फेंक दिया था। इस मामले में 31 जुलाई को न्यायाधीश शहजाद अली ने प्रबल हत्याकांड में आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इस हत्याकांड के मुख्य आरोपितों में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल के पति विनय अग्रवाल, बेटा अपूर्व अग्रवाल, रामलीला कमेटी के संरक्षक संजय गुप्ता, पांच बार के भाजपा सभासद घनश्याम दास गुप्ता का बेटा व पूर्व महानगर अध्यक्ष का भाई अनुज गुप्ता, सरिया कारोबारी राहुल गुप्ता, नमकीन कारोबारी का बेटा निखिल अग्रवाल और विशाल अग्रवाल उर्फ रीशू शमिल थे।
सभी आरोपित सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। सभी की अलग-अलग जमानत याचिका हाईकोर्ट में दाखिल हुई थी। अब एक ही केस होने के चलते सभी की याचिका कनेक्ट कर दी गई है। इन सभी की जमानत पर मंगलवार को सुनवाई हुई। वादी के अधिवक्ता के अनुसार सभी आरोपितों की जमानत हाई कोर्ट द्वारा मंजूर कर ली गई है।
यह था मामला
19 दिसंबर 2012 को बिजनौर शहर के शहनाई बैंक्वेट हाल में महाराजा अग्रसेन जयंती कार्यक्रम मनाया जा रहा था। कार्यक्रम में मुहल्ला जाटान का रहने वाला 17 साल का प्रबल अग्रवाल भी शामिल हुआ था। आरोप है कि कार्यक्रम के शामिल रसूखदारों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी थी। एक निजी अस्पताल ले जाते ही मौत हो गई थी।
आरोपितों ने शव को कार से गंगा में फेंक दिया था। कई दिन बाद उसका शव गंगा से बरामद हुआ था। उसके जेब से मिले मोबाइल फोन के सिम से उसकी पहचान हुई थी। हत्याकांड को लेकर लोगों में गुस्सा था।
