बिजनौर, जेएनएन। यातायात नियमों और वाहनों के न्यू फीचर की जानकारी नहीं होना भी हादसों की प्रमुख वजह है। सीट बेल्ट होने के बाद भी चालक बांधना पंसद नहीं करते हैं। चालकों वाहनों के आने वाले सुरक्षित फीचर के बारे सही जानकारी नहीं है। यही लापरवाही उनके जीवन में खतरा बन जाता है।

देश में नई-नई तकनीक की गाड़ियां और कारें आ रही है। उन्नत तकनीक से लैश कारों पूरी तरह जीवन को हादसे के वक्त सुरक्षित रखती है। लोगों के अपडेट नहीं होने व अधूरी जानकारी कभी-कभी मुश्किल भरा हो जाता है। इसकी शुरुआत सीट बेल्ट से होती है। सीट बेल्ट होने के बाद भी चालक इसका इस्तेमाल नहीं करता है। सितंबर माह में पांच सौ रुपये जुर्माना होने के बावजूद भी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। वहीं अच्छी तकनीक वाली कारों में एयरबैग, छत का खुलना, बजर समेत कई फीचर है। बजर भी एक महत्वपूर्ण फीचर होता है। इसका इस्तेमाल के बारे में कम ही जानकारी होती है। बजर फीचर के इस्तेमाल से गाड़ी मोड़ पर एक तरह की आवाज करती है। अधिकांश चालकों को इसकी जानकारी नहीं है। इसके इस्तेमाल से पीछे चलने वाले वाहन चालक सचेत हो जाते हैं। जानकारी नहीं होने के चलते इनका इस्तेमाल नहीं हो पाता है। सीट बेल्ट पर चला अभियान

रविवार को सीट बेल्ट के खिलाफ चेकिग की गई। टीएसआई संजय सिंह ने बताया कि कुल डेढ़ चालान किए गए। इनमें पचास चालान बिना सीट बेल्ट के हैं। फिर भी चालक आए दिन नियम तोड़कर वाहन चलाए जा रहे हैं। पुलिस भी अभियान चलाकर खानापूर्ति कर लेती है। हालांकि पिछले दो माह में भारी जुर्माना लोगों पर हुआ है। इसके बावजूद भी वाहन चालक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।

Posted By: Jagran

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