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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नहटौर में पांच घंटे तक एनएचआरसी टीम ने की जांच

By JagranEdited By:
Published: Sat, 13 Nov 2021 10:31 PM (IST)

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर हुए बवाल की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम शनिवार को नहटौर ...और पढ़ें

नहटौर में पांच घंटे तक एनएचआरसी टीम ने की जांच
नहटौर में पांच घंटे तक एनएचआरसी टीम ने की जांच

बिजनौर, जागरण टीम। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर हुए बवाल की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम शनिवार को नहटौर पहुंचकर मारे गए युवकों के स्वजन और घायलों से जानकारी ली। पांच घंटे से अधिक समय तक टीम ने कस्बे में जांच की। सभी के कलमबंद बयान भी दिए गए गए।

20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में जिले में बवाल हुआ था। बिजनौर, नहटौर, मंडावर और नगीना में जमकर बवाल हुआ था। नहटौर में गोली लगने से सुलेमान और अनस की मौत हो गई थी। लाखों की संपत्ति फूंक दी गई थी। पुलिस ने 33 मुकदमे दर्ज कर 748 बवालियों की गिरफ्तारी की थीं। बवाल में 35 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। शुक्रवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने हुए बवाल की जांच शुरू कर दी थी। शुक्रवार को डिप्टी एसपी विमल जीत उत्कल, निरीक्षक रणधीश सिंह और चंद्रशेखर की तीन सदस्यीय टीम एक होटल में बवाल का रिकार्ड खंगाला था। वहीं बवाल के दौरान तैनात रहे पुलिसकर्मियों से पूछताछ की गई थी। मुकदमों और चार्जशीट के बारे में जानकारी ली गई थी। एसआइटी में शामिल विवेचकों से साक्ष्य के बारे में पूछताछ की गई। शनिवार दोपहर टीम गोपनीय तरीके से नहटौर पहुंच गई। टीम नहटौर के मोहल्ला नौधा में एक मकान में बैठकर सभी के बयान लिए। बवाल में मारे गए अनस और सुलेमान के स्वजन से घंटों पूछताछ की गई। गोली लगने से घायल हुए सलमान और ओमकार से भी पूछताछ की गई। टीम के लोगों ने अन्य लोगों से भी मामले की जानकारी ली। इस दौरान मृतक के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया पुलिस प्रशासन ने उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी और शासन को गुमराह किया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर उनके कलम बंद बयान दर्ज किए गए। पांच घंटे तक टीम जांच करने के बाद चली गई। टीम ने कुछ बताने से इंकार कर दिया। स्थानीय पुलिस से बनाए रखी दूरी

एनएचआरसी टीम ने स्थानीय पुलिस से दूरी बनाए रखी। टीम अकेले ही मृतकों और घायलों के घर गए। इस दौरान थाना पुलिस को भी दूर रखा। टीम की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी बिजनौर से दिए गए थे। टीम होटल में सुरक्षा को छोड़कर अपनी गाड़ी से निकल गई। सीधे नहटौर पहुंच गई। चूंकि, नहटौर में अधिक बवाल हुआ था। एनएचआरसी का पूरा फोकस नहटौर पर ही है। पुलिस लाइन से मांगा कारतूसों का रिकार्ड

टीम ने बवाल में पुलिस की ओर से चलाई गई गोलियों का रिकार्ड मांगा है। मुकदमों में दर्ज गोलियों का रिकार्ड और पुलिस की ओर से चलाई गई गोली का मिलान किया जाएगा। पुलिस लाइन में शस्त्रागार से रिकार्ड एकत्र किया जा रहा है।