बिजनौर, जेएनएन। इंडियन मिलेट्री एकेडमी देहरादून में हुई पासिग आउट परेड के बाद देश को मिले 341 सैन्य अफसरों में कस्बा झालू निवासी लेफ्टिनेंट यथार्थ अग्रवाल का नाम भी शामिल है। लेफ्टिनेंट यथार्थ को पहली तैनाती लेह में मिली है।

आइएमए देहरादून में 12 जून को हुई पासिग आउट परेड के बाद देश को 341 सैन्य अधिकारी मिले हैं, उनमें यथार्थ अग्रवाल भी हैं। यथार्थ अग्रवाल को थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनाती दिए जाने के बाद उनकी पहली तैनाती लेह में मिली है। झालू पहुंचने पर स्वजन और परिचितों ने यथार्थ का स्वागत किया। यथार्थ अग्रवाल ने कहा कि उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य सैनिक के रूप में देश की सेवा करना है। उन्होंने अपने लक्ष्य की पहली सीढ़ी पर कदम रखा है।

यथार्थ अग्रवाल के पिता पराग अग्रवाल व्यापारी और मां ज्योति अग्रवाल गृहिणी हैं। यथार्थ अग्रवाल का प्रवेश सैनिक स्कूल घोड़ाखाल नैनीताल में हुआ था। कक्षा 12 तक की शिक्षा पूरी करने के बाद यथार्थ का चयन एनडीए पुणे के लिए हो गया। जहां उन्होंने तीन वर्ष की शिक्षा पूरी की व उनका चयन आइएमए देहरादून में हो गया। यहां प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी तैनाती लेफ्टिनेंट पद पर लेह में हुई है। शिक्षकों ने ट्वीट कर मांगी पदोन्नति

बेसिक शिक्षा परिषद में लंबे समय से पदोन्नति की प्रक्रिया को विराम लगा हुआ है। इसको लेकर शिक्षकों में आक्रोश है। बिजनौर समेत प्रदेश के शिक्षकों ने रविवार को 'प्रमोशन मेरा अधिकार' शीर्षक से ट्वीट अभियान चलाया। शिक्षकों ने ट्वीट के माध्यम से पदोन्नति की सरकार से मांग की है। इस मौके पर अटेवा प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रहास सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का न होना अत्यंत खेदजनक है।

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