बिजनौर, जेएनएन। भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बिजनौर को प्रदूषण मुक्त कराने की मांग को लेकर क्षेत्रीय प्रदूषण कार्यालय में गन्ने की पत्ती भर दी। यहां हुई पंचायत में किसान नेताओं ने छोइया समेत जनपद की सभी नदियों को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने का मुद्दा छाया रहा। कार्यकर्ता गन्ना समिति कार्यालय में एकत्र हुए। संगठन की मोहम्मदपुर देवमल इकाई की पंचायत में किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान दिलाने की मांग की।

सरकार द्वारा लगातार तीसरे साल गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाए जाने पर रोष जाहिर किया गया। पंचायत के बाद किसान जुलूस के रूप में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय पहुंचे। किसानों ने गन्ने की सूखी पत्ती कार्यालय में भर दी। यहां हुई पंचायत में यूनियन के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि पराली अथवा गन्ने की सूखी पत्ती से प्रदूषण नहीं होता। प्रदूषण फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी और धुएं से होता है। उनका कहना था कि सरकार के इशारे पर प्रशासन पराली जलाने पर किसानों पर रिपोर्ट दर्ज करा रहा है, लेकिन अभी तक प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों, कूड़ा जलाने वाली निकायों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पंचायत में बिजनौर को प्रदूषणमुक्त कराने, प्रदूषण फैला रहे फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करने, डिस्टलरी प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी पर रोक लगाने और छोइया नदी समेत जनपद से गुजर रही अन्य नदियों को प्रदूषण मुक्त कराए जाने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में अतुल कुमार, दीपक तोमर, ब्लाक अध्यक्ष विजय सिंह, संदीप त्यागी, विकास कुमार, गुलशन सिंह, मास्टर शोभाराम, कपिल कुमार, अंकित राठी, नईम अहमद, विकार आदि किसान शामिल थे।

Posted By: Jagran

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