बिजनौर : हादसे के बाद फैक्ट्री पर दिन भर बवाल चला। भीड़ मौके पर एकत्र हो गई और मालिक के खिलाफ आक्रोश भड़क गया। लापता कर्मी की बरामदगी और फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई को लेकर लोगों ने जाम लगा दिया। काफी मशक्कत के बाद भीड़ को शांत किया गया। फैक्ट्री मालिक की लापरवाही व अव्यवस्था से भीड़ आक्रामक हुई। कर्मचारियों की मौत के लिए उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। भीड़ ने फैक्ट्री में तोड़फोड़ का प्रयास भी किया। इसी दौरान भीड़ की कई बार पुलिस अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। दोपहर बाद फिर लोगों ने रोड जाम कर दिया। जाम खुलवाने में एक घंटा लगा। महिलाएं और ग्रामीण फैक्ट्री के गेट पर धरना देकर बैठ गए। इसी दौरान अजीब-ओ-गरीब स्थिति हुई। एक व्यक्ति अचानक सड़क पर भागने लगा। भीड़ उसे फैक्ट्री का अधिकारी समझकर उसके पीछे भागने लगी। पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने मशक्कत के बाद भीड़ को रोका। बाद में पता चला कि भागने वाला फैक्ट्री का कर्मचारी है। भीड़ ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। एसपी-डीएम से भी लोगों की नोकझोंक हुई। बंद कमरे में हुई मुआवजे की वार्ता

फैक्ट्री मालिक की ओर से कुछ संभ्रांत लोगों की सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, डीएम व एसपी की मौजूदगी में बंद कमरे में मुआवजे को लेकर बातचीत होती रही। फैक्ट्री परिसर के कमरे में कई बार बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। फैक्ट्री मालिक दस लाख रुपये मुआवजा देना चाहते थे, लेकिन परिजन राजी नहीं हुए। हादसा होते ही कुछ लोग समझौता कराने में सक्रिय हो गए थे। नेताओं का रहा जमावड़ा

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर नेताओं का जमावड़ा लग गया। सदर विधायक के ससुर राजेंद्र ¨सह, जिला सहकारी बैंक चेयरमैन दिनेश ¨सह, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिगम्बर ¨सह, रालोद जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, डा. नीरज चौधरी, एमपी ¨सह, आजाद किसान यूनियन से राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, जिलाध्यक्ष वीरेंद्र ¨सह समेत तमाम नेता व विभिन्न संगठन के लोग मौके पर पहुंच गए। रूट किया गया डायवर्ट

कोतवाली देहात : हादसे के बाद एसपी सिटी दिनेश कुमार ने कोतवाली-बिजनौर रोड से रुट डायवर्ट करा दिया। बिजनौर जाने वाले यात्रियों को तो भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चौपहिया वाहन, बस व ट्रक समेत भारी वाहनों को कोतवाली देहात से नहटौर, बिजनौर या कोतवाली देहात से बाया अकबराबाद से किरतपुर-बिजनौर मार्ग होकर बिजनौर भेजा गया। बिजनौर से नगीना जाने वाले वाहनों को भी इसी रोड से निकाला गया। ड्यूटी पर जाने वाले कामगार गंतव्य स्थल पर देरी से पहुंचे। इस दौरान अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा। फोन पर लोग बाहर गए परिजनों के बारे में जानकारी लेते रहे।

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