नजीबाबाद : मानव जाति के कल्याण के लिए प्रकृति संरक्षण और सांप्रदायिक सद्भाव को जीवन में महत्व देना होगा। कुपोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सर्वधर्म सहभागिता सम्मेलन में यह बात धर्मगुरुओं ने कही।

प्रशासन एवं गुरुकुल इंटरनेशनल एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ सनातन धर्मगुरु चिदानंद सरस्वती, शिया धर्मगुरु कौतब मुज्तबा, शिरोमणि अकाली दल के उत्तर प्रदेश प्रभारी कुलदीप ¨सह भोगल व दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के परमजीत ¨सह चंढोक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। एसडीएम डॉ.पंकज वर्मा, स्कूल के डायरेक्टर राजीव गुप्ता, प्रधानाचार्य एमएस भंडारी की देखरेख में हुए सम्मेलन में धर्मगुरुओं ने उपस्थित जनसमूह को सांप्रदायिक सौहार्द एवं एकता का संकल्प दिलाया। ऋषिकेश से आए चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमें वसुधैव कुटुंबकम, अतिथि देवो भव: का संदेश देती है। कुलदीप ¨सह भोगल ने कहा कि भारतीय संस्कृति का उद्गम प्रकृति से ही हुआ है। शिया धर्मगुरु कौतब मुज्तबा ने कहा कि ये खूबसूरत कायनात अल्लाह की नेमत है। इसे और खूबसूरत बनाने की काबिलियत अल्लाह ने इंसान को दी है। जंगलों को काटकर, नदियों को पाटकर इंसान तरक्की नहीं कर रहा, ब्लकि मौत का सामान तैयार कर रहा है।

इससे पहले पूर्व चेयरमैन मुअज्जम खां, ग्राम प्रधान हरप्रीत ¨सह संधू, रोहिताश ¨सह, मंजू देवी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने गंगा को प्रदूषित होने से बचाने, वन्य जीवों के संरक्षण पर प्रस्तुत झलकियों से भावविभोर किया। उपायुक्त मनरेगा अशोक मौर्य ने कहा कि भारत विश्व की पांचवीं आर्थिक शक्ति के रूप में उभरकर सामने आ रहा है, लेकिन कुपोषण से निपटने में अभी और मेहनत करने की जरूरत है। कार्यक्रम में साहनपुर चेयरमैन मेराज अहमद, अजीत गुप्ता, दिनेश एलाबादी, जगदेव ¨सह सहित आसपास के कई लोग उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran