बिजनौर, जेएनएन। क्षेत्र के गांव रामजीवाला के जंगल में बीमार हाथी की हालत में स्थिर बनी हुई है। सोमवार को वन संरक्षक मुरादाबाद और डीएफओ नजीबाबाद कोतवाली देहात पशु अस्पताल में तैनात चिकित्सक को लेकर मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सकों ने गन्ने के खेत में ही हाथी का उपचार शुरू कर दिया है। उधर, सुरक्षा की दूष्टि से मौके पर वन विभाग के कर्मचारी डेरा डाले हुए हैं।

गांव रामजीवाला के जंगल में रविवार को बढ़ापुर निवासी बुंदू के गन्ने के खेत में एक बीमार हाथी पड़े होने की सूचना पर पहुंचे रेंजर साहूवाला वीरेंद्र सिंह रावत और पशु चिकित्सक रविद्र कुमार मौके पर पहुंचे। चिकित्सक ने हाथी का इलाज शुरू कर दिया। हाथी को करीब 20 बोतल ग्लूकोज चढ़ाई गई थी, कितु हाथी की हालात स्थिर बनी हुई है। सोमवार को वन संरक्षक मुरादाबाद जावेद अख्तर एवं डीएफओ नजीबाबाद मनोज कुमार शुक्ला कोतवाली देहात के पशु चिकित्सक रविन्द्र सिंह को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। चिकित्सक ने बीमार हाथी का उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार हाथी को पेट संबंधी बीमारी है,। इस कारण हाथी ने कई दिन से कुछ खाया नहीं है। हाथी का शरीर कमजोर हो गया और वह उठ भी नहीं पा रहा है। वहीं रेंजर वीरेंद्र सिंह रावत विभागीय टीम के साथ मौके पर डेरा डाले हुए हैं। यह भी चिता सता रही है कि कहीं जंगल में सक्रिय शिकारी हाथी का दांत काटकर न ले जाएं।

Posted By: Jagran

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