जेएनएन, बिजनौर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की शुक्रवार को आठवीं किस्त किसानों के खातों में पहुंची। इस योजना की आठवीं किस्त से जनपद के करीब तीन लाख 03 हजार 518 किसान लाभांवित हुए, जबकि करीब 70 हजार किसानों का कार्य पाइप लाइन में है। उनके अधूरे कार्य पूर्ण करने का कार्य किया जा रहा है। आधार कार्ड से लिंक किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त जा रही है।

भारत सरकार की ओर से किसानों को आर्थिक सहयोग पहुंचाने को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना संचालित कर रखी है। योजना के तहत लाभार्थी किसान को प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं। यह धनराशि तीन किस्तों में यानी दो-दो हजार रुपये के रूप में किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। कृषि विभाग के रिकार्ड प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए जनपद में चार लाख 63 हजार किसान पंजीकरण है। इसमें से करीब चार लाख 61 हजार 726 किसान शुद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से किसानों से वार्ता की उन्हें उत्पादन व आय बढ़ाने के टिप्स दिए। प्रधानमंत्री द्वारा शुक्रवार को जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आठवीं किस्त से जनपद के करीब तीन लाख तीन हजार 518 किसान लाभान्वित हैं। करीब 70 हजार किसान खाता नंबर, आधार कार्ड आदि कारणों की कमी के कारण पाइप लाइन में है। उप कृषि निदेशक डा. अवधेश कुमार मिश्र ने बताया कि करीब तीन लाख 54 हजार 245 किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त, तीन लाख 45 हजार 849 किसानों के खातों में द्वितीय, तीन लाख 41 हजार 646 किसानों को तृतीय, तीन लाख 9 हजार 203 किसानों के खातों में चतुर्थ, दो लाख 86 हजार 525 किसानों को पांचवीं तथा दो लाख 43 हजार 519 किसानों के खातों में छठी तथा एक लाख 87 हजार 116 किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की सातवीं किस्त पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि किन्ही कारणों से जो पात्र किसान आठवीं योजना से लाभान्वित नहीं हुए हैं, उनकी त्रुटियों को दूर कर सूची को साइट पर अपलोड किया जाएगा। खातों में पहुंची किस्त का ब्योरा

निधि की किस्त - धनराशि

पहली किस्त - 3,54,245

दूसरी किस्त - 3,45,849

तीसरी किस्त - 3,41,646

चौथी किस्त - 3,09,203

पांचवी किस्त - 2,86,525

छठी किस्त - 2,43,519

सातवीं किस्त - 1,87,116

आठवीं किस्त - 3,03,518

(नोट यह आंकड़े कृषि विभाग के द्वारा लिए गए हैं।)

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप