CM योगी ने समझा विभाजन के बाद पाकिस्तान से आए चार हजार परिवारों का दर्द, अब उन्हें मिलेगा जमीन का स्थायी मालिकाना हक
Bijnor News : बिजनौर में विभाजन के बाद पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए 3,847 परिवारों को अब उनकी भूमि का ...और पढ़ें

HighLights
बिजनौर की दो तहसीलों के 17 गांव में निवास करते हैं विस्थापित परिवार।
651 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि का स्थायी मालिकाना हक मिलेगा।
राजनारायण कौशिक, बिजनौर। देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए परिवारों को धामपुर और नगीना तहसील क्षेत्र के 17 गांवों में बसाया गया था। विस्थापित परिवारों ने यहां रहते हुए खेती-किसानी शुरू की और जंगल-झाड़ी की जमीन पर घर भी बनाए। अब इन गांवों में निवास करने वाले परिवारों को जमीन का स्थायी हक देने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है।
छह माह पहले लखनऊ से आए तत्कालीन राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव के नेतृत्व में आए अधिकारियों की टीम ने भी इस संबंध में मंथन किया और स्थानीय प्रशासन को जमीन और परिवारों की स्थिति का सही आंकलन करने के लिए निर्देशित किया था। फिर से हुई जांच में 3,847 परिवार सामने आए। अब इन परिवारों को खेती-किसानी के लिए जमीन आंवटित करने की प्रक्रिया राज्यपाल के आदेश पर शुरू की गई है।
खेती-किसानी के लिए 651 हेक्टेयर से अधिक भूमि का चयन
परिवारों को जमीन आंवटित करने के लिए गजट भी जारी किया गया है। साथ ही आवंटन करने के लिए 651 हेक्टेयर से अधिक जमीन का चयन भी किया गया है। 14 अगस्त 1947 के बाद जनपद में 3,487 परिवारों को धामपुर और नगीना तहसील के 17 गांवों में विस्थापित किया गया था। उसी वक्त से यह परिवार खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते आ रहे है।
बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह ने करीब एक साल पूर्व इन परिवारों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया। उनके आदेश के बाद राजस्व विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने इन विस्थापितों के कुआंखे़ड़ा समेत कई अन्य गांवों का निरीक्षण किया और उनकी समस्याएं सुनी और राजस्व विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। उन्हाेंने रिपाेर्ट कार्रवाई के लिए शासन काे साैंप दी। रिपाेर्ट के आधार पर राज्यपाल ने गजट जारी कर दिया है।
इन गांवों में बसे है विस्थापित
धामपुर तहसील के ग्राम रसूलाबाद, नवाबपुर, छजमलवाला, तुरतपुर, मीरापुर मोदीवाला, अजीमुल्लानगर, आवली, कल्लूवाला, गुलरवाली, इस्लामनगर और फतेहपुर में 1,332 विस्थापित परिवार है, जबकि इन नगीना के ग्राम कुआंखेड़ा, मदपुरी, चंपतपुर चकला, एवं प्रेमपुरी में 2,515 विस्थापित परिवार रहते है।
इन सभी परिवारों के बुजुर्ग करीब 70 वर्ष पूर्व पाकिस्तान से विस्थापित होने के कारण इन गांंवों में आकर बस गए थे। यह सभी परिवार 651.046 हेक्टेयर भूमि पर खेती कर रहे है, किंतु उनके पास अभी तक इस भूमि का मालिकाना नहीं था। गजट जारी होने के बाद इन लोगों को भूमि आंवटित किए जाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
इन्होंने कहा
राज्यपाल ने भारत विभाजन के बाद आए विस्थापित होकर आए परिवारों को भूमि आंवटन के लिए गजट जारी किया है। गाइड लाइन मिलते ही भूमि के आंवटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-अंशिका दीक्षित, एडीएम प्रशासन।
