विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ब्रिक्स सम्मेलन में गांव लक्खीवाला की हर्बल चाय ने बिखेरी खुशबू, विदेशी मेहमानों ने ली चुस्कियां

Published: Mon, 14 Sep 2026 11:01 AM (IST)

बिजनौर के लक्खीवाला गांव की विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल चाय ब्रिक्स सम्मेलन के गाला डिनर में विदेशी मेहमानों को परोसी गई, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।

बिजनौर के गांव लक्खीवाला में विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल चाय बनातीं समूह की महिलाएं। सौजन्य: समूह

बिजनौर के गांव लक्खीवाला में विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल चाय बनातीं समूह की महिलाएं। सौजन्य: समूह

HighLights

  1. लक्खीवाला की हर्बल चाय ब्रिक्स सम्मेलन तक पहुंची।

  2. प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में की थी प्रशंसा।

  3. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बनाई यह चाय।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन के कार्यक्रम छाने वाली विदुर प्रेरणा स्वेदशी हर्बल चाय ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों के गाला डिनर तक पहुंच गई है। राष्ट्राध्यक्षों और अन्य मेहमानों को गांव लक्खीवाला के बनी विदेशी हर्बल टी चाय भी परोसी गई है। यह जिले के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मन की बात काय्रक्रम में चाय की प्रशंसा कर चुके हैं।

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है। जिले में ढाई लाख से अधिक महिलाएं इस समय स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। महिलाओं के उत्पादों को विदुर नाम से बेचा जाता है।

एक साल पहले ही शुरू किया चाय बनाना

कोतवाली ब्लाक के गांव लक्खीवाला निवासी बबीता रानी ने लगभग एक वर्ष पहले हर्बल टी नाम से स्वयं सहायता समूह बनाया और देशी चाय बनाने शुरू की। चाय में गिलोय, मुलेठी, कच्ची हल्दी, इलायची, सौंफ आदि डाले। इस पर लेमन ग्रास के पानी का छिड़काव किया जाता है।

चाय का नाम विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी रखा। ये सब अपने आप मे एक ओषधि की तरह हैं। उनकी इस चाय को बहुत पसंद किया गया। आनलाइन प्रमोट किया गया तो लोगों के आर्डर मिलने शुरू हो गए। आर्डर के अनुसार ही चाय बनाई जाती है।

पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में लिया था नाम

26 जुलाई को प्रधानमंत्री ने महिलाओं द्वारा बनाई जा रही चाय का नाम मन की बात कार्यक्रम में लिया था। उन्होंने इसके स्वाद और ओषधीय गुणों की प्रशंसा की थी। इसके बाद से चाय की डिमांड बहुत बढ़ गई थी। देशभर से चाय की।डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए समूह के पास फोन आने लगे थे। नीति आयोग की टीम भी यहां पर आई थी और चाय के काफी पैकेट ले गई थी।

अब छोटे से गांव लक्खीवाला में बनी विदुर प्रेरणा स्वेदशी हर्बल टी अंतरराष्ट्रीय मंच ब्रिक्स सम्मेलन तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत मंडपम में राष्ट्राध्यक्षों के लिए गाला डिनर आयोजित किया। इसमें राष्ट्राध्यक्षों के सामने लक्खीवाला की देशी चाय भी परोसी गई है।

काम आया लोन का पैसा

समूह को काम करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दस लाख का लोन भी दिया गया है। उपायुक्त उद्योग अमित कुमार ने बताया कि युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए योजनाओं में लोन दिया जाता है।

इससे बाकी युवा भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित होंगे। उपायुक्त एनआरएलएम मनोज कुमार वर्मा के अनुसार हर्बल टी स्वयं सहायता समूह से 11 महिलाएं जुड़ी हैं। चाय के 100 ग्राम के पैकेट पर 350 रुपये प्रिंट है लेकिन समूह इसे 300 रुपये में देता है। चाय अभी ऑनलाइन ही बेची जा रही है।

इन्होंने कहा

गांव में बनने वाली देशी चाय दुनिया के सबसे बड़े मंच पर पहुंच गई। इससे बड़ी उपलब्धि और कोई नहीं हो सकती है। यह विदुर ब्रांड से जुड़ी महिलाओं की मेहनत और उनके उत्पादों की गुणवत्ता का परिणाम है। देशी चाय को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

-जसजीत कौर, डीएम।

यह भी पढ़ें- ब्रिक्स सम्मेलन दिल्ली में ईरान के राष्ट्रपति से मिले मीरवाइज उमर फारूक, मुस्लिम उम्माह की एकता पर दिया जोर