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मां की डांट के बाद घर छोड़ने वाली बिजनौर निवासी 15 साल की किशोरी बिहार में मिली, उत्तराखंड के तीन युवक दबोचे

By Birendra Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 27 Feb 2026 06:06 PM (IST)

Bijnor News : बिजनौर के बेगावाला से लापता 15 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने 40 दिन बाद बिहार के दरभंगा ...और पढ़ें

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HighLights

  1. उत्तराखंड के तीन युवकों के साथ रह रही थी किशोरी।

  2. पिता ने दो युवकों पर दर्ज कराया था अपहरण का मामला।

संवाद सूत्र, बेगावाला (बिजनौर)। बिजनौर शहर कोतवाली के बेगावाला क्षेत्र की लापता किशोरी को पुलिस ने 40 दिन बाद बिहार के दरभंगा से बरामद कर लिया है। किशोरी को वन स्टाफ सेंटर में रखा गया है। किशोरी ने पूछताछ में बताया कि वह उत्तराखंड के तीन युवकों के साथ दरभंगा में रह रही थी। तीनों युवक ईंट के भट्टे पर काम करते हैं, जबकि यह खाना बनाती थी। युवक भी हिरासत में हैं। किशोरी के कोर्ट में बयान के बाद अग्रिम कार्रवाई करेगी।

शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 15 वर्षीय किशोरी 17 जनवरी को घर से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। पिता ने मुहल्ला चाहशीरी निवासी आबिद और गांव काजीवाला इकराम पर बेटी का अपहरण कर ले जाने का आरोप लगाते हुए शहर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था।

इस मामले में पुलिस ने दोनों युवकों से कई बार पूछताछ की, लेकिन फिर भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने मोबाइल फोन नंबर की लोकेशन के आधार पर करीब 40 दिन बाद किशोरी को बिहार के जिला दरभंगा के थाना पंडुल के सरसो पाही में मिली।

पुलिस ने उसे गुरुवार को सरसो पाही स्थित एक मकान से उत्तराखंड निवासी तीन युवकों के साथ बरामद कर लिया है। किशोरी को वन स्टाप सेंटर में रखा गया है। साथ में पकड़े गए युवकों को हिरासत में लिया गया है। कोर्ट में बयान के बाद अग्रिम कारवाई की जाएगी। चौकी प्रभारी जितेंद्र गौतम ने बताया कि नाबालिग को बरामद कर लिया गया है। उसके बयान दर्ज कर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है। वह अपनी माँ से नाराज होकर घर से निकल गई थी। इस मामले में जांच की जा रही है.

कलियर शरीफ में हुई थी युवकों से मुलाकात

पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने बताया कि मां ने उसे डांट दिया था। मां की डांट से आहत होकर वह घर से निकल गई। बस से चंदक पहुंच गई। चंदक से ट्रेन से नजीबाबाद और फिर कलियर शरीफ चली गई। वहां पर उसकी मुलाकात रूडकी के लंडौरा निवासी फैयाज से हुई। फैयाज ने बताया कि वह दो दोस्तों के साथ ईंट के भट्टे पर काम करने लिए बिहार के दरभंगा जा रहा है। इसके बाद वह उनके साथ दरभंगा चली गई और उनका खाना बनाने लगी।