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बिजनौर में अधिवक्ताओं ने घेरा DM कार्यालय, जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की, जिलाधिकारी पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप 

By Navneet Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 04 Nov 2026 04:05 PM (IST)

बिजनौर में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। जिला बार एसोसिएशन बिजनौर के पूर्व महासचिव एडवोकेट रामेंद्र सिंह ...और पढ़ें

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HighLights

  1.  जिला बार के पूर्व महासचिव ने लगाया डीएम कार्यालय में दुर्व्यवहार का आरोप।

  2. घटना से नाराज अधिवक्ता बड़ी संख्या में डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। जिला अधिकारी कार्यालय में अधिवक्ताओं के प्रवेश को लेकर बुधवार को जोरदार विवाद हुआ। जिला बार एसोसिएशन बिजनौर के पूर्व महासचिव एडवोकेट रामेंद्र सिंह ने डीएम कार्यालय में दुर्व्यवहार और अपमानित किए जाने का आरोप लगाया।

घटना से नाराज जिला बार एसोसिएशन के बड़ी संख्या में अधिवक्ता डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान हुई धक्का मुक्की के दौरान डीएम कार्यालय के गेट पर लगा शीशा भी तोड़ दिया गया। बाद में एसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और काफी देर दोनों पक्षों के बीच चली वार्ता के बाद विवाद डीएम के खेद जताने पर मामला शांत हुआ।

जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव एडवोकेट रामेंद्र सिंह बुधवार को एक मृतक आश्रित मामले के संबंध में महिला के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने पहले अपना विजिटिंग कार्ड अंदर भिजवाया, जिस पर कार्यालय के अंदर से आए कर्मचारी ने बताया कि जिलाधिकारी के यहां कोई कार्ड नहीं चलता।

इसके बाद वह लाइन में लगकर अंदर पहुंचे तो डीएम और अधिवक्ता के बीच बहस शुरू हो गई। अधिवक्ता का आरोप है कि डीएम कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया, उनका वीडियो बनाया गया और उन्हें अपमानित किया गया। उन्होंने जिलाधिकारी पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महासचिव मनोज शेट्टी, विनय कंबोज, अंकित शादीपुर, मुलायम सिंह सहित सैकड़ों अधिवक्ता डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान धक्का-मुक्की भी खूब हुई और डीएम कार्यालय के गेट का शीशा भी तोड़ दिया गया।

सूचना पर एसपी केके विश्नोई भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। बाद में हंगामा बढ़ता देख पीएसी को भी बुलाया गया। दोपहर के समय डीएम कार्यालय से बाहर आए और अपनी बात रखते हुए घटना को लेकर खेद जताया। इसके बाद भी अधिवक्ता कार्यालय के बाहर जमे रहे।

बाद में बार अध्यक्ष सहित पांच लोगों को कार्यालय के अंदर बुलाकर वार्ता की गई। जिसके बाद अधिवक्ता शांत हुए। घटना से कलक्ट्रेट में दोपहर दो बजे तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। डीएम उमेश प्रताप सिंह के अनुसार अधिवक्ता और उनके बीच गलतफहमी हो गई थी।

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