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बिजनौर से दिल्ली-एनसीआर में चोरी-छिपे अवैध पटाखों की सप्लाई जारी

Published: Tue, 20 Oct 2026 06:30 PM (IST)

बिजनौर में अवैध पटाखों का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है, जहां लाइसेंस की आड़ में क्षमता से अधिक पटाखे बनाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किए जा रहे हैं।

एआई जनरेटेड तस्वीर।

एआई जनरेटेड तस्वीर।

HighLights

  1. बिजनौर में अवैध पटाखा निर्माण का धंधा फल-फूल रहा है।

  2. लाइसेंसधारी घरों में भी पटाखे बनवा रहे हैं, क्षमता से अधिक भंडारण।

  3. दिल्ली-एनसीआर में अवैध पटाखों की चोरी-छिपे हो रही सप्लाई।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। जिले में अवैध पटाखा का धंधा फल-फूल रहा है। लाइसेंस की आड़ में अवैध तौर पर दूसरे स्थानों पर पटाखा निर्माण किया जा रहा है। साथ ही लाइसेंस की क्षमता से अधिक पटाखा भंडारण किया जा रहा है। पटाखों को अवैध रूप से एनसीआर में सप्लाई किया जा रहा है।

पिछले दिनों शहर कोतवाली पुलिस ने अवैध पटाखों के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। अन्य जगह भी पुलिस और दमकल विभाग की छापामारी में इसकी पोल खुली थी। हालांकि प्रभावी कार्रवाई अभी नहीं हो सकी है।

जिले में इस समय करीब 35 पटाखा निर्माण और बेचने के लाइसेंस हैं। वहीं केवल बेचने के 20 लाइसेंस है। पिछले दिनों ने एक बंद पड़ी फैक्ट्री से निकाला गया मलबे में विस्फोट से दो बालकों की मौत हो गई थी। वहीं वहीं चौंकपुरी में बड़ी मात्रा में क्षमता से अधिक पटाखा और कारतूस बरामद हुए थे।

शहर कोतवाली पुलिस ने लाइसेंस वाले स्थान को छोड़कर अपने घर पर पटाखे बनाने के मामले में दो अलग-अलग केस दर्ज किए थे। तीन गिरफ्तारी हुई थी। ऐसा नहीं है कि कार्रवाई से अवैध पटाखा निर्माण और सप्लाई का धंधा रूक गया है। जिम्मेदार विभागों की शहर में फल-फूल रहा है।

बिजनौर के अलावा नहटौर, हल्दौर, हीमपुर दीपा समेत कई जगह बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण किया जा रहा है। बड़ी मात्रा में अवैध भंडारण कर चुके हैं। अधिकांश लाइसेंस धारी फैक्ट्री के अलावा घर-घर महिलाओं को पटाखा बनाने की सामग्री दे रहे हैं। घर में सुतली बम और अन्य पटाखे तैयार करा रहे हैं। घटना के बाद ही पुलिस प्रशासन जागता है। कार्रवाई की रस्मअदायगी के लिए छापामारी की जाती है।

दिल्ली-NCR में होती है पटाखों की सप्लाई

दिल्ली व एनसीआर में पटाखा निर्माण और बिक्री पर रोक है। फिर भी बिजनौर व आसपास के जिलों से एनसीआर में पटाखा सप्लाई किया जाता है। मोटा मुनाफा कमाने के लिए चोरी-छिपे पटाखे एनसीआर और दिल्ली पहुंचाए जाते हैं।

सीएफओ डा. आरके पांडेय ने मामले में कहा कि चेकिंग अभियान चलाकर लगातार पटाखा फैक्ट्री पर जांच की जा रही है। अवैध पटाखा निर्माण पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। संबंधित विभागों की संयुक्त टीम के साथ फिर से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।

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